- रविदास जयंती की शोभायात्रा के रास्ते में आई अवैध पैंठ, प्रशासन नहीं लगा पा रहा रोक
जनवाणी संवाददाता |
सरधना: नगर पालिका की भी अजब गजब माया है। एक तरफ नगर पालिका की ओर से नगर भर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर नगर में अवैध रूप से पैंठ बाजार भी सज रहा है। जिससे लोगों को पूरे दिन रास्ता संकरा होने से जाम से जूझते हुए अपने गंतव्य को जाना पड़ रहा है। अशोक की लाट के आसपास सड़क पर लगने वाली अवैध पैंठ को पुलिस प्रशासन रोक नहीं पा रहा है।
रविवार को भी सड़क पर पैंठ सजी। जबकि इस रूट से रविदास जयंती के अवसर पर शोभायात्रा निकलनी थी। पुलिस ने शोभायात्रा के दौरान सड़क पर पैंठ देखी तो होश उड़ गए। पुलिस ने आनन-फानन में अवैध पैंठ को सड़क से हटवाकर रास्ता साफ कराया। इसके बाद शोभायात्रा निकल सकी। दरअसल, रविवार को संत रविदाय जयंती के उपलक्ष्य में नगर में शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के मद्देनजर नगर पालिका ने साप्ताहिक पैंठ स्थगित कर दी थी।
मार्किट में लगने वाले पैंठ को स्थगित हो गई। मगर पुराने स्थान पर अवैध रूप से सड़क पर लगने वाली पैंठ पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। हर बार की तरह यहां सड़क पर फड़ सज गए। शोभायात्रा इस रूट पर पहुंची तो पुलिस को फड़ सजे मिले। पुलिस ने आनन-फानन में अवैध पैंठ को सड़क से हटवाकर रास्ता साफ किया। इसके बाद शोभायात्रा वहां से निकल सकी।

वीआईपी रोड पर चला नगर पालिका का चाबुक
मवाना: नगर की वीआईपी रोड पर अवैध रूप से दुकान लगा व्यापार करने दुकानदारों के खिलाफ नगर पालिका और पुलिस का चाबुक चलाकर कार्रवाई की। अधिशासी अधिकारी के नेतृत्व में चले अभियान में वीआईपी रोड पर दुकान लगाने वाले दुकानदारों के सामन जब्त कर हजारों रुपये का जुर्माना वसूल कर सामान वापस कर दिया। रविवार को नगर की वीआईपी रोड पर स्थित मैदान में पैंठ का आयोजित की जाती है। मैदान में आयोजित होने वाली पैंठ के नाम पर काफी दुकानदार दुकान लगाकर सड़क बाधित करते आ रहे हैं।
वीआईपी रोड पर लगाई जाने वाली दुकानों की शिकायत नगरवासी कई बार नगर पालिका अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन आजतक वीआईपी रोड पर होने वाले अतिक्रमण से मुक्ति नहीं मिली। लगातार चली आ रही शिकायतों पर अधिशासी अधिकारी राजीव जैन ने कार्रवाई करते हुए दुकानदारों का सामान जब्त कर लिया। नगर पालिका की कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई किये जाने के बाद दुकानदार एकत्र होकर अधिशासी अधिकारी से मिले। जिसके बाद अधिशासी अधिकारी ने दुकानदारों का सामान वापस लौटा दिया।

