Monday, March 16, 2026
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कार्रवाई का चाबुक चला तो बरसे 50 करोड़

  • श्रम विभाग के उपकर प्रावधान के अंतर्गत मेरठ में 20 करोड़ लक्ष्य, वसूली 34 करोड़

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: भवन निर्माण से प्राप्त होने वाले उपकर की वसूली को लेकर मेरठ के हिस्से में दो उपलब्धियां आई हैं। इसमें जिस सर्वे के आधार पर लिए गए एक्शन के चलते 50 करोड़ रुपये अर्जित किए गए हैं। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में भवन निर्माण से मिलने वाले उपकर के लिए 20 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके सापेक्ष 34 करोड़ से अधिक राशि विभाग को प्राप्त हो चुकी है। उप श्रम आयुक्त राजीव कुमार सिंह ने अवगत कराया कि जीआईएस के माध्यम से वर्ष 2017 में सर्वे करने के लिए मेरठ समेत पांच महानगरों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित किया गया।

जिसके माध्यम से प्राप्त होने वाली रिपोर्ट काफी चौंकाने वाली रही, और विभाग के लिए फायदे का सौदा भी बनी। मेरठ में ऐसे अनेक बड़े निर्माण प्रकाश में आए, जिनकी ओर से कोई उपकर जमा नहीं कराया गया था। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर श्रम विभाग की ओर से भवन निर्माण करने वाले ठेकेदारों बिल्डरों आदि को नोटिस जारी करके उपकर जमा करने के लिए कहा गया। इनमें से कुछ के खिलाफ सख्त कदम भी उठाने पड़े। यहां तक कि उपकर वसूलने के लिए आरसी भी जारी कराई गई। इसका परिणाम यह रहा कि अभी तक जीआईएस सर्वे की रिपोर्ट के उपरांत की गई कार्रवाई के चलते 50 करोड़ रुपये की धनराशि विभाग को प्राप्त हुई है।

Rupes

विभाग की यह कार्रवाई अभी भी चल रही है। उप श्रम आयुक्त ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में मेरठ जनपद के लिए भवन निर्माण से उपकर के रूप में 20 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है। इस बीच 34.3 करोड़ रुपये का उपकर विभाग के पास जमा कराया जा चुका है। जबकि वित्तीय वर्ष का अभी मार्च का एक महीना शेष है। जबकि मेरठ बागपत दोनों जनपदों के संयुक्त लक्ष्य 38 करोड़ के सापेक्ष 50 करोड़ रुपये उपकर के रूप में जमा कराए जा चुके हैं।

10 लाख से अधिक लागत पर लगता है उपकर

उत्तर प्रदेश भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की संचालित योजनाओं, ई-श्रम कार्डधारकों के लिए संचालित योजना अनुग्रह राशि समेत विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए श्रम विभाग की ओर से उपकर लगाया जाता है। यह उपकार आवासीय निर्माण में 10 लाख रुपये से अधिक की लागत पर वसूल किया जाता है। जबकि व्यवसायिक क्षेत्र में लागत चाहे जो भी हो, एक प्रतिशत उपकर अनिवार्य रूप से देय होता है।

दुर्घटना योजना में 14 श्रमिक चिन्हित

उप श्रमायुक्त राजीव सिंह ने बताया कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के निदेर्शानुसार उप्र असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड, लखनऊ की ओर से ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित कर्मकारों के असामयिक मृत्यु एवं दिव्यांगता की स्थिति में अनुग्रह राशि योजना प्रारम्भ की गई है। योजना के प्राविधान के अनुसार ई-श्रम पोर्टल पर 26 अगस्त 2021से 31 मार्च 2022 के मध्य पंजीकृत श्रमिकों की दुर्घटना के उपरान्त मृत्यु होने की दशा में उसके आश्रितों को दो लाख की अनुग्रह राशि अनुमन्य है।

तथा किसी दुर्घटना के परिणाम स्वरूप पंजीकृत श्रमिक को पूर्ण एवं स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाने की दशा में दो लाख एवं आंशिक स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में एक लाख रुपये का हितलाभ अनुमन्य होगा। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत पुलिस विभाग और स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से ई पोर्टल पर पंजीकृत ऐसे श्रमिक को की जानकारी प्राप्त की जा रही है जो किसी हादसे का शिकार होकर मृत्यु होने अथवा दिव्यांगता की स्थिति में आ गए हैं। अभी तक मेरठ जनपद में 14 ऐसे असंगठित कर्मकारों को चिन्हित किया गया है। उप श्रमायुक्त के अनुसार पुलिस और स्वास्थ्य विभाग से मिलने वाली सूची के आधार पर सूची को संशोधित किया जाएगा।

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