- निरीक्षण में सूरजकुंड की सड़क पर मिली अनियमितता
- ठेकेदार से किया जवाब तलब, दोबारा निर्माण के निर्देश
- जांच में सही पाई गई नगर निगम कार्यकारिणी में की गई पार्षद की शिकायतें
- सूरजकुंड की रोड़ निर्माण गड़बड़ी का था आरोप
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: इसे कहते हैं कार्रवाई और एक्शन। पार्षद ने गत दिवस नगर निगम कार्यकारिणी की बजट बैठक में सूरजकुंड की जिस सड़क की लापरवाही और गड़बड़ी की शिकायत की थी, उस सड़क को शिकायत के महज 12 घंटे बाद ही नगर आयुक्त ने पहुंचकर जांच शुरू की। पार्षद की तमाम शिकायतें सही पाई गर्इं और गड़बड़ी नगर आयुक्त ने खुद पकड़ी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ-साथ ठेकेदार का भी जवाब तलब किया है तथा दोबारा से निर्माण कराने के आदेश जारी किये हैं।
गत दिवस टाउन हॉल के तिलक हॉल में नगर निगम कार्यकारिणी की बजट बैठक में भाजपा पार्षद पवन चौधरी ने शिकायत की थी कि सूरजकुंड पर सीसी रोड बनाई गई है। यह सड़क इतनी घटिया क्वालिटी की बनी है कि इससे सुविधा की जगह दुविधा हो रही है। पार्षद की इस शिकायत पर शुक्रवार को सुबह ही नगर आयुक्त डा. अमित पाल शर्मा लाव लश्कर के साथ सूरजकुंड पहुंचे। वार्ड-58 अन्तर्गत हापुड़ रोड पर स्थित पशु चिकित्सालय से सूरजकुंड पार्क तक की सीसी द्वारा निर्मित करायी गयी सूरजकुंड रोड का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के समय निर्मित करायी गयी सीसी रोड का सर्फेस अत्यधिक खराब पाये जाने व कार्य की गुणवत्ता सही नहीं पाये जाने पर संबंधित अधिशासी अभियन्ता अमित शर्मा से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के साथ ही तीन दिवस के अंदर सड़क सुधार कार्य कराने के लिए निर्देशित किया गया। साथ ही ठेकेदार को भी हड़काते हुए गुणवत्ता के आधार पर सड़क निर्माण के लिए निर्देशित किया गया।
इसके उपरान्त नगर आयुक्त द्वारा गंगानगर डिवाइडर रोड का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय निर्मित कराये गये डैन्स की सड़क सही न पाये जाने पर यहां पर भी संबंधित अधिशासी अभियन्ता अमित कुमार का स्पष्टीकरण प्राप्त करने व इनके द्वारा कार्यों का सुपरवीजन सही प्रकार से न करने पर इनके विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए शासन को पत्र प्रेषित कराने के लिए निर्देशित किया गया।
हाउस टैक्स में कम वसूली पर अधिकारियों को नोटिस
हाउस टैक्स में कम वसूली पर नगर आयुक्त ने अधिकारियों को नोटिस जारी किये। शुक्रवार को कैंप कार्यालय पर समीक्षा बैठक करते हुए नगर आयुक्त द्वारा गृहकर वसूली लक्ष्य के सापेक्ष कम पाये जाने पर मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार व कर निर्धारण अधिकारी राजेश सिंह को कारण बाताओ नोटिस जारी करने के लिए अपर नगर आयुक्त(प्रथम) प्रभारी गृहकर को निर्देशित करने के साथ ही कर निर्धारण अधिकारी राजेश सिंह को प्रत्येक वार्ड के 20-20 सबसे बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया।
स्वच्छता कार्य की मॉनिटरिंग करते हुए नगर आयुक्त द्वारा निर्धारित समयसीमा 48 घंटे से उपर की शिकायत जो मवाना रोड पर पंजाब स्वीट्स के पास जल भराव से संबंधित थी, का स्थलीय निरीक्षण किया गया तथा शिकायत निस्तारण के लिए उत्तरदायीं मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक ब्रहमपाल सिंह, को कड़े निर्देश देने के साथ ही प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी को 24 घंटे पूर्ण हो चुकी शिकायतों पर स्वयं निरीक्षण कर प्रतिदिन दिवस समीक्षा बैठक में आख्या देने के लिए निर्देशित किया गया।
13 साल से जमे हुए हैं कर निर्धारण अधिकारी
कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष जाहिद अंसारी ने प्रमुख सचिव नगर विकास को शिकायती पत्र भेजा। इसमें कहा गया है कि नगर निगम में पिछले 13 साल से कर निर्धारण अधिकारी के पद पर राजेश सिंह को बैठाया गया है। यह खुलेआम जनता को लूट रहे हैं। यह इतने बड़े शातिर हैं कि कई बार इनके नगर निगम से तबादले किये गये, लेकिन अपनी उंची सेटिंग के चलते यह फिर से नगर निगम में अपना तबादला कैंसिल करा लेते हैं।
जाहिद अंसारी का कहना है कि पिछले दिनों हाउस टैक्स में दो छोटे कर्मचारियों को तो अरेस्ट कर लिया गया, लेकिन बड़े अधिकारी को बचा लिया गया। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की इतनी हिम्मत नहीं हो सकती कि वह किसी बकायेदार से डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत मांग सके। उन्होंने नगर विकास प्रमुख सचिव से कहा है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के नगर निगम में रहते हुए निष्पक्ष जांच हो पाना असंभव है। जब तक भ्रष्ट अफसरों को हटाया नहीं जायेगा, तब तक वह चुप नहीं बैठेंगे।

