Monday, May 11, 2026
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जी भरकर कब्जाओं जमीन, नहीं चलेगा बुलडोजर

  • गंगानगर में सैकड़ों लोगों ने कब्जा ली बेशकीमती जमीन, सड़कें टूटी, नाले गंदगी से पटे, पार्कों का हाल-बेहाल

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: उफ! ये तो हद हो गई, रोजाना अवैध कॉलोनी से लेकर आम आदमी के घर में एक र्इंट लगने पर भी गरजने वाले मेडा के बुलडोजर गंगानगर में अपनी बेशकीमती जमीनों पर अवैध कब्जे से रुख मोड रखा है। अधिकांश पार्कों में लोगों ने अवैध कब्जा कर झोपड़ियों से लेकर कच्चे मकान तक बना डाले। व्यापारियों ने भी यहां पार्कों पर सामान डालकर अवैध कब्जा जमा लिया है। यह कॉलोनी मेडा और नगर निगम के अधिकारियों की अनदेखी का शिकार है। यहां सड़कें टूटी पड़ी है। मेन रोड से लेकर गलियां टूटी पड़ी है, वहीं नाले गंदगी से पटे हैं।

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मवाना रोड पर मेरठ विकास प्राधिकरण में करीब तीन दशक पहले पॉश कॉलोनी के रूप में गंगानगर को विकसित किया था। मुख्य डिवाइडर लगाकर सड़क दोनों ओर बनाई गयी। हालत तो देखिये कि डिवाइडर के दोनों तरफ गहरे गड्ढे सड़क में बन गए हैं, लेकिन अफसरों ने आंखें मूंद ली हैं। पास में कॉलोनी विकसित की गई, जहां पक्की सड़कें और गलियां बनाई गई। हर ब्लॉक में कई कई पार्क बनाए गए। स्वच्छ पेयजल साफ-सफाई और स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था की गई, लेकिन धीरे-धीरे यह कॉलोनी उपेक्षा का शिकार होती गई।

आलम ये है कि अब यहां अधिकांश पार्क उजड़ चुके हैं। इनमें लोगों ने अवैध कब्जा जमा लिया है, बड़ी संख्या में लोगों ने अनेक पार्कों और सड़कों पर झोपड़ियां व कच्चे मकान तक बना डाले हैं। इसके अलावा कुछ व्यापारियों ने अपना सामान भी रास्ते में डालकर जगह को घेर लिया है। मेन डिवाइडर रोड पर दोनों ओर जबरदस्त अतिक्रमण है। लोगों ने सड़कों पर दुकान सजाने से लेकर रेस्टोरेंट तक बना डाले। मेडा कहीं भी अतिक्रमण की शिकायत पर बुलडोजर चला देता है, जबकि अपनी संपत्ति पर सैकड़ों लोग अतिक्रमण कर जमीन को कब्जा कर बैठ गए हैं, वो दिखाई नहीं दे रहे हैं।

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अधिकारियों ने इस तरफ से क्यों मुंह मोड लिया हैं, कुछ कहा नहीं जा सकता। अतिक्रमण के चलते कॉलोनी की खूबसूरती पर भी बदनुमा दाग लग रहा है। कॉलोनी में समस्याएं ही समस्याएं हैं। नाले नालिया गंदगी से अटी हैं। कई स्थानों पर नाले नालियां क्षतिग्रस्त हैं, जिनसे गंदगी बाहर सड़क पर फैल रही है। इस कॉलोनी की डिवाइडर रोड से लेकर अंदर पतली गलियां भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। डिवाइडर रोड मुख्य हैं, जिसक बुरा हाल है। यहां डेढ़ फीट गहरे गड्ढे तक हो रहे हैं, जिस कारण दिन में कई बार सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। मरम्मत कब हुई, लोगों को पता नहीं हैं। पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई।

कॉलोनी की अनेक स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी है। अनेक पार्कों की बाउंड्री वॉल टूटी हैं। यहां लोग कूड़ा डालते हैं। एन ब्लॉक के पार्क में झूले टूटे पड़े हैं, जिसका बच्चे यहां से मायूस होकर लौटते हैं, लेकिन किसी ने इनकी मरम्मत करने पर ध्यान नहीं दिया। मेडा ने कॉलोनी को रखरखाव के लिए निगम को सौंप दिया, लेकिन निगम के अधिकारियों ने मेडा से पैसा तो ले लिया, लेकिन आंखें मूंद ली है। समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं नहीं तो निगम और नहीं मेडा। खास बात है कि निगम के मेयर का आवास भी इसी कॉलोनी में है, लेकिन इसके बावजूद यहां के लोग समस्याओं से जूझ रहे हैं।

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ये है प्रमुख समस्याएं

  • गंगानगर की आईआईएमटी रोड गड्ढों में तब्दील।
  • एन ब्लॉक स्थित पार्क के झूले बदहाल।
  • ओ ब्लॉक के उजड़ चुके पार्क।
  • एन, ओ, एम ब्लॉक में पार्कों पर अतिक्रमणकारियों का बोलबाला।
  • कॉलोनी में विचरण करते हैं निराश्रित पशु, रहता है भय।
  • कॉलोनी के नाले और नालियां भारी गंदगी से पटे।
  • मेन डिवाइडर रोड अतिक्रमण से घिरा।
  • न अधिकारी सुनते और न ही आते जनप्रतिनिधि।

मेन डिवाइडर रोड पर गड्ढों की भरमार

गंगानगर निवासी प्रकाश कहते हैं कि मेन डिवाइडर रोड पर गड्ढों की भरमार है। यहां अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती है। जिनमें लोग घायल होते हैं, लेकिन इस समस्या को कोई अधिकारी गंभीरता से नहीं लेता।

सड़क निर्माण में लगाई घटिया सामग्री

विपिन कुमार कहते हैं कि गत वर्ष गंगानगर की मेन रोड का निर्माण कराया गया था, लेकिन इतनी घटिया सामग्री लगाई गई कि वह चंद दिन भी नहीं चल पाई और सड़क गड्ढों में तब्दील है।

नाले का हो निर्माण कार्य

राजीव त्यागी का कहना है कि कॉलोनी के डिवाइडर रोड की शुरुआत से ही नाला क्षतिग्रस्त है। जिस कारण यहां दुपहिया वाहन सवार लोग नाले में गिर जाते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे भी अक्सर नाले में गिरते हैं। नाले का निर्माण कराया जाना जरूरी है।

पार्कों में हुए अवैध कब्जे

अंजू कहते हैं कि कॉलोनी में पार्कों की हालत बेहद खस्ता हो रही है। पार्कों में लोगों ने झोपड़ियां डालकर मकान बनाकर अवैध कब्जा जमा लिया है। बच्चों के झूलने की कोई व्यवस्था नहीं है। अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं देते हैं।

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नहीं होता समस्याओं का निस्तारण

ब्रह्मपाल कहते हैं कि एन ब्लॉक के पार्क के आगे अतिक्रमण है। छह साल से सड़क टूटी पड़ी है। इस संबंध में अधिकारियों से गुहार भी लगाई गई, लेकिन किसी ने समस्या का निस्तारण नहीं किया।

कोई नहीं आता सुध लेने

विनीता कहती है कि कॉलोनी की अधिकांश सड़कें टूटी पड़ी है। सड़क पर चलने में उन्हें खासी परेशानी होती है। अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं आते हैं और न ही कोई नेता आते हैं।

समस्या को अधिकारी नहीं लेते गंभीरता से

अश्वनी बालियान का कहना है कि कॉलोनी की डिवाइडर का बुरा हाल है। सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती है। कोई इस समस्या को गंभीरता से नहीं लेता।

पार्कों में फैली भारी गंदगी

उर्मिला कहती है कि एन ब्लॉक के पार्क में अनेक लोगों ने अवैध रूप से झोपड़ियां व मकान तक बना दिए हैं। कई व्यापारियों ने भी यहां सामान डालकर अतिक्रमण कर रखा है। जिस कारण यहां गंदगी रहती है।

कालोनी में आवारा पशुओं की भरमार

मनोज कहते हैं कि कॉलोनी में आवारा पशुओं का जमघट लगा रहता है। इनकी चपेट में आकर अक्सर लोग चोटिल हो जाते हैं। इन पशुओं को पकड़वाकर गोशाला भेजने की मांग की गई।

खुले नाले में गिरते हैं लोग

सुंदर का कहना है कि एम ब्लॉक के पार्क की बाउंड्री टूटी है, नाले का पत्थर टूट पड़ा है। जिस कारण वहां लोग अक्सर नाले में गिर जाते हैं। वहां नाले पर पत्थर रखवाया जाना चाहिए।

अनदेखी से उजड़ गए पार्क

करतारी का कहना है कि नाले गंदगी से भरे हैं और पार्कों पर अवैध कब्जा है। अधिकांश पार्क उजड़ गए हैं। कोई ध्यान नहीं देता। यहां न अधिकारी उनकी सुनने आते हैं और न ही नेता।

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