- सरकार की उदासीनता के चलते जंगल में तब्दील हो रहा है कालेज
- क्या चुनावी मौसम में नेताओं को याद आयेगा कालेज
जनवाणी संवाददाता |
नांगल सोती: राज्य में सरकारें अदलती और बदलती रही लेकिन राहतपुर करोड़ों की लागत से बनाए गए पॉलीटेक्निक कालेज में कक्षाएं शुरू नही हुई। सरकार की उदासीनता के चलते यह कालेज जंगल में तब्दील होता जा रहा है। क्या चुनावी मौसम में नेताओं को कालेज याद आएगा और कालेज के सुचारू होने की आस जगेगी।
वर्ष 2012 में सपा सरकार के दौरान नजीबाबाद ब्लाक के गांव राहतपुर में सरकारी पॉलीटेक्निक का निमार्ण शुरू हुआ था। जिसका निर्माण वर्ष 2015 में लगभग पूरा हो गया था। यह पॉलीटेक्निक कालेज राहतपुर ग्राम पंचायत की लगभग 23 एकड़ भूमि पर साढ़े बारह करोड़ की लागत से बनाया गया है। वर्ष 2012 से प्रदेश और केंद्र में कई बार सत्ता परिवर्तन हुआ, लेकिन युवाओं का भविष्य संवारने के लिए बनाए गए पॉलीटेक्निक कालेज में दशकों बाद भी शिक्षण/प्रशिक्षण कक्षाएं शुरू नही हो सकी है। सरकार की उदासीनता और लापरवाही के चलते इस कालेज की बिल्डिंग खंडहर होती जा रही है, वही कालेज की भूमि जंगल में तब्दील हो चुकी है। बीते दिनों विधान सभा में प्रश्न काल के दौरान सपा विधायक ने इस कालेज में शिक्षण कार्य सुचारू करने का मुद्दा उठाया था, जिसमे संबंधित विभाग के मंत्री ब्रजेश पाठक ने जल्द ही शिक्षण /प्रशिक्षण कार्य शुरू करने का भरोसा दिलाया था।
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