- हेड कांस्टेबल ने ही किराए पर लिया था नेचर वैली रिसॉर्ट, मालिक गिरफ्तार
- पेपर लीक मामले में दिल्ली पुलिस का हेड कांस्टेबल भी किरदार
- पुलिस भर्ती घोटाले में अब तक 178 एफआईआर, 15 एफआईआर एसटीएफ की
- एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, रिसॉर्ट में एक हजार अभ्यर्थियों को पेपर के रटाए गए थे उत्तर
जनवाणी संवाददाता |
कंकरखेड़ा: पेपर लीककांड को अंजाम तक पहुंचाने वालों में दिल्ली पुलिस का एक हेड कांस्टेबल भी शामिल है। उसी ने लीक पेपर को रटवाने वालों के लिए गुरुग्राम में नेचर वैली रिसॉर्ट किराए पर लिया था। एसटीएफ ने रिसॉर्ट मालिक सतीश धनकड़ को गिरफ्तार कर लिया है।
उसे मेरठ के कंकरखेड़ा थाना में लाया गया है। इसी रिसॉर्ट में एक हजार अभ्यर्थियों को पेपर की उत्तर रटाए गए थे। यह भी पता चला है कि रिसॉर्ट किराए पर लेने वाले सिपाही ने उन्हें बताया गया था कि पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कर अभ्यर्थियों को पढ़ाया जाएगा।
चौंकाने वाले खुलासे
सतीश ने भी एसटीएफ की पूछताछ में महत्वपूर्ण राज खोले है। वहीं, दूसरी ओर 178 मुकदमे यूपी में दर्ज हो चुके हैं। इनमें से 15 मुकदमे एसटीएफ ने कराए हैं। साथ ही 55 अभियुक्त एसटीएफ ने पकड़े है, जबकि दूसरी एजेंसियों की हाथों 397 की गिरफ्तारी प्रदेश भर में अब तक हो चुके हैं।
यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती की दो पाली का परीक्षा का पेपर अहमदाबाद स्थित टीसीआइ कंपनी से पांच और आठ मार्च को लीक हुआ था। एसटीएफ इस कांड में अभी तक 15 मुकदमे दर्ज कराकर 54 आरोपियों को जेल भेज चुकी है।
पांच आरोपी रिमांड पर
एएसपी बृजेश सिंह ने बताया कि पांच आरोपी टीसीआइ के कर्मचारी मिर्जापुर के शिवम गिरि व भदोही के रोहित पांडेय, पूर्व कर्मचारी प्रयागराज के अभिषेक शुक्ला, बिहार के डा. शुभम मंडल और मोनू के रिमांड के लेकर एसटीएफ की टीम अहमदाबाद पहुंच गई है। अदालत ने पांच आरोपियों को पांच दिन का रिमांड स्वीकार किया था। अहमदाबाद के बाद क्राइमसीन दोहराने के लिए गुरुग्राम के रिसॉर्ट में लेकर जाएगी।
- एक हजार को कराया रियाज
रिसॉर्ट में एक हजार अभ्यर्थियों को बुलाकर एक साथ पेपर पढ़वाया। उन्हें उत्तर रटवाए गए। दरअसल पेपर जिन्होंने खरीदा था, वो पास हो जाए, इसलिए नेचर वैली रिसॉर्ट को किराए पर लिया गया था। -एएसपी एसटीएफ बृजेश सिंह

