Wednesday, April 29, 2026
- Advertisement -

…तो तपेगा साल 2024

  • खतरा: जलवायु परिर्वतन से सबसे गर्म रहने की आशंका
  • औसत तापमान सामान से 1.01 डिग्री सेल्सियस रहेगा ज्यादा
  • बढ़ते तापमान का असर पूरी पृथ्वी के मानव जीवन पर देगा दिखाई

जनवाणी संवाददाता |

मोदीपुरम: मौसम वैज्ञानिकों ने इस बात की 55% आशंका जताई है कि इस वर्ष अर्थात 2024 जलवायु रिकॉर्ड का सबसे गर्म साल रहने वाला है। इतना ही नहीं इस वर्ष को पांच सबसे गर्म वर्षों के रूप में शुमार होने की 99% संभावना जताई गई है। यह दावा नेशनल ओशनिक और एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन एनओके नेशनल सेंटर का एनवायरमेंटल इनफॉरमेशन की एक ताजा रिपोर्ट में दी गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्च में औसत तापमान 20वीं सदी में मार्च के औसत तापमान से 1.35 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया था। यह लगातार 48 व मार्च है, जब तापमान 20वीं सदी के औसत तापमान से ज्यादा था। ऐसा नहीं है कि बढ़ते तापमान का असर केवल धरती तक ही सीमित था। इसका प्रभाव समुद्री पर भी दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार मार्च के दौरान अधिकांश क्षेत्रों में समुद्र की सतह का तापमान औसत से ऊपर था। समुद्र का औसत तापमान सामान से 1.01 डिग्री अधिक दर्ज किया गया है। इससे पहले 2016 में समुद्र की सतह का तापमान सबसे ज्यादा 0.83 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

कार्बन डाइआॅक्साइड तेजी से बढ़ा रही धरती का तापमान

एनओए के अनुसार कार्बन डाइआॅक्साइड की सांद्रता लगातार वातावरण में बढ़ती जा रही है। कार्बन डाइआॅक्साइड अन्य ग्रीन हाउस गैस की तरह सात से परिवर्तित होने वाली उसका को ट्रैक कर लेती है और उसे अंतरिक्ष में जाने से रोक देती है। इसका नतीजा धरती का तापमान बढ़ रहा है। इसकी वजह से चरम मौसमी घटनाएं कहीं ज्यादा विकराल होती जा रही है। इस बारे में एनओए के आंकड़ों से पता चला है कि वातावरण में मौजूद कार्बन डाइआॅक्साइड का स्टार 424 भाग प्रति मिलियन पम पर पहुंच गया है। ऐसा पिछले लाखों वर्षों में नहीं देखा गया था।

बढ़ते तापमान का असर पृथ्वी के हर कोने में दिखाई दिया

रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2024 में अफ्रीका यूरोप और दक्षिण अमेरिका के अधिकांश हिस्सों के साथ-साथ पूर्वी उत्तरी अमेरिका पूर्वी एशिया और पूर्वी आॅस्ट्रेलिया मैं तापमान औसत से ऊपर रहा। वहीं, पश्चिमी उत्तरी अमेरिका मध्य एशिया और पश्चिमी आॅस्ट्रेलिया के कुछ हिस्से औसत से कहीं ज्यादा ठंडा, द अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका ने जहां अब तक के अपने सबसे गर्म मार्च का सामना किया। जबकि यूरोप के लिए यह दूसरा सबसे गर्म मार्च था।

02 11

इस बार गर्मी के कारण चुनाव प्रतिशत रह सकता है कम

एक तरफ जब गर्मी भी लगातार प्रचंड रूप धारण करती चली जा रही है। वहीं, चुनाव प्रचार तेजी से बढ़ता जा रहा है। पहले राउंड का चुनाव हो चुका है। जहां पर चुनाव का प्रतिशत कम रहा, जैसे-जैसे आगे गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा, अनुमान लगाया जा रहा है कि चुनाव प्रतिशत भी गर्मी के चलते काम हो सकता है। पहले दौड़ के मतदान के दिन अधिक गर्मी होने के कारण तेज धूप से लोग बिलबिला उठे और दोपहर के समय घरों में ही रहे साल पहले 11 अप्रैल 2019 को, जब लोकसभा चुनाव का मतदान हुआ था

तो उसे दिन मौसम के तेवर कुछ नरम थे। अधिकतम तापमान 2.5 डिग्री कम 36.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। गत वर्ष 19 अप्रैल को तापमान 37.9 था। जबकि 17-18 अप्रैल के बीच पर 40 डिग्री तक पहुंच गया था, यदि गर्मी इसी तरह बढ़ती रही तो शायद लोग घर से कम निकलेंगे मौसम की रिपोर्ट के अनुसार एक-दो दिन में बूंदाबांदी भी हो सकती है। कृषि विश्वविद्यालय के डा. आरएस सेंगर का कहना है कि इस बार गर्मी का रुख अधिक देखने को मिलेगा।

बढ़ते तापमान का नया रिकॉर्ड

धरती की सतह के तापमान के अनुसार यह चौथा सबसे गर्म मार्च बनता है। जब तापमान सामान से 2.009 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया है। इतना ही नहीं जून 2023 से यह लगातार 10वां महीना है। जब वैश्विक स्तर पर बढ़ते तापमान ने नया रिकॉर्ड बनाया है। यानी जून 2023 से कोई भी महीना ऐसा नहीं रहा, जब किसी महीने बढ़ते तापमान में नया रिकॉर्ड न कायम किया हो।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

सोशल मीडिया में एआई का दखल

सोशल मीडिया ने लोगों के संपर्क, संचार और सूचना...

शिक्षा से रोजगार तक का अधूरा सफर

डॉ विजय गर्ग आधुनिक समय में शिक्षा और रोजगार का...

ट्रंप के बोल कर रहे दुनिया को परेशान

डोनाल्ड ट्रंप जब से दूसरी बार राष्ट्रपति बने तभी...

खोता जा रहा उपभोक्ता का भरोसा

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के मधु विहार के एक...

चेतावनी है अप्रैल की तपिश

बीती 20 अप्रैल 2026 को विश्व में 20 ऐसे...
spot_imgspot_img