- थानों पर है कम पुलिस फोर्स, वेस्ट यूपी में पहले चरण में हो चुका है चुनाव
- अब घरों में कुत्तों के सहारे सुरक्षा का जिम्मा
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: जिले की अधिकांश पुलिस चुनाव कराने के लिए दूसरे जिलों में चली गई है। सुरक्षा अब रामभरोसे है। जनता को अब खुद ही सुरक्षा का जिम्मा उठाना पड़ रहा है। पल्लवपुरम थाना क्षेत्र की बात करे तो यहां आबादी काफी है। इस लिहाज से यहां की सुरक्षा करने के लिए खुद ही आगे आना होगा। लगभग एक लाख से अधिक की आबादी वाले पल्लवपुरम थाना क्षेत्र में चार चौकियां स्थापित है। इन चौकियों पर चौकी प्रभारी तो मौजूद है, लेकिन चुनाव में अन्य स्टाफ की ड्यूटी लगी हुई है।
ऐसे में अब पल्लवपुरम थाना क्षेत्र में मुश्किल से आठ से 10 पुलिस कर्मी ही मौजूद है। उनके सहारे ही सुरक्षा संभाली जा रही है। अब यहां रहने वाले लोग खुद तो सतर्क हो ही रहे है उसके साथ-साथ अपनी सुरक्षा का जिम्मा अब इन लोगों ने कुत्तों पर भी छोड़ दिया है। कुत्तों के सहारे सुरक्षा भी की जा रही है। पल्लवपुरम में अधिकांश लोगों के घरों में पालतू कुत्ता है। जो कि लोगों की सुरक्षा को संभालने में लगा हुआ है। ऐसे में अब लोग इसके सहारे ही अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
पॉश इलाके में शुमार है पल्लवपुरम
पल्लवपुरम फेज वन और फेज टू काफी बड़ा क्षेत्र है। यह अधिक आबादी वाला क्षेत्र भी है। और यह पॉश इलाके में शुमार है। इसलिए यहां की सुरक्षा का जिम्मा अधिक पुलिस पर रहता है, लेकिन पुलिस फोर्स की कमी होने के बाद भी थाना पुलिस जहां रात में गश्त कर रही है। वही क्षेत्र के जिम्मेदार लोगों से भी मिलकर उन्हे भी सुरक्षा के प्रति सचेत कर रही है। ऐसे में उन्होंने लोगों से संपर्क करके कहा कि वह पुलिस का सहयोग करे और सुरक्षा के लिए आगे आए।
बंधकों की कर रहे थे पिटाई, पुलिस की दबिश
मेरठ: देहलीगेट थाना क्षेत्र के दिल्ली रोड पर एक सुनार अपने यहां का काम करने वाले नौकर तथा पूर्वा फैय्याज अली इलाके में कई लोगों का लगभग 40 लाख लेकर फरार हुए एक शख्स को बंधक बनाकर बुरी तरह पीटा जा रहा था। दोनों ही घटनाओं में देहलीगेट पुलिस ने दबिश देकर बंधक बनाकर पीटे जा रहे लोगों को मुक्त कराया।
पहला मामला माधवपुरम निवासी रवि नाम के एक युवक से जुड़ा है। परिजनों ने आरोप लगाया कि रवि मेट्रो प्लाजा निवासी एक सराफा कारोबारी के यहां काम करता था। शुक्रवार की रात को उसका अपहरण कर लिया गया। परिजनों ने थाना देहलीगेट पर उसकी गुमशुदगी की सूचना दी। सूचना देने के बाद परिजन उसकी तलाश में जुटे रहे। उन्हें किसी से सूचना मिली कि जिसके यहां कारोबारी के यहां वह नौकरी करता है, उसने ही रवि को अपने यहां बंधक बनाया हुआ है। उसकी वहां पिटाई की जा रही है। यह सुनते ही परिजनों में हड़कंप मच गया।
वहीं, दूसरी ओर मामले की जानकारी पर देहलीगेट पुलिस ने फुटबाल चौराहे के समीप एक मकान पर दबिश देकर उसको मुक्त कराया। पुलिस रवि व जिसके यहां दबिश दी गयी उसको लेकर देहलीगेट थाने आ गए। दोनों के परिजन भी वहां पहुंच गए। बाद में इनके बीच समझौता हो गया। दरअसल आरोप लगाया था कि रवि ने दुकान से मोटी रकम चोरी कर ली है। अपहरण कर बंधक बनाने की दूसरी घटना थाना देहलीगेट के पूर्वा फैय्याज अली इलाके की है। आरोप है कि यहां रईस पुत्र अब्दुल वाहिद नाम के शख्स को बिलाल नाम के एक शख्स ने पिछले छह दिनों से बंधक बनाया हुआ था। उसको बंधक बनाकर पीटने की सूचना उसके रिश्ते के भाई नदीम ने पुलिस को दी थी।
इस सूचना के बाद पुलिस ने दबिश देकर रईस को मुक्त कराया। जिस वक्त यह कार्रवाई की गयी रईस की हालत बेहद नाजुक नजर आ रही थी। हालांकि रईस पर आरोप है कि वह कई लोगों की करीब 40 लाख की रकम लेकर अरसे से गायब था। बिलाल की नजर उस पर पड़ गयी और उसको बंधक बना लिया। वहीं, इस संबंध में इंस्पेक्टर देहलीगेट विनय कुमार ने बताया कि माधवपुरम निवासी रवि जहां काम करता था वहां उसे उस पर सोना व नकदी चोरी का आरोप है। उसके परिजनों ने कारोबारी का सामान वापस दे दिया है। आपसी लेन-देन का मामला लगता है। रईस और बिलाल के बीच पैसे के लेन-देन का मामला है। दोनों पक्ष थाने पर ही मौजूद हैं।

