- सर्विस रोड की तो आज तक नहीं जलीं स्ट्रीट लाइटें
- टोलवे कंपनी की उदासीनता से हाइवे डूबा अंधेरे में
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: एनएच-58 पर खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटें टोलवे कंपनी की बदहाली की पोल खोल रही है। क्योंकि कंपनी द्वारा कई गुना टोल शुल्क वसूला जा रहा है और सुविधा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। कंपनी की उदासीनता के चलते हाइवे शाम होते ही अंधेरे में डूब जाता है और लोगों को दिक्कतों से जूझना पड़ता है।
हाइवे पर 78 किमी का दायरा वेस्टर्न यूपी टोल कंपनी के अधीन है। कंपनी द्वारा इस हाइवे से गुजरने वाले यात्रियों से शुल्क वसूला जाता है। इस हाइवे के रख रखाव का जिम्मा कंपनी के हवाले है। यह कंपनी कई गुणा शुल्क तो वसूल रही है, लेकिन सुविधा के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। अगर हम परतापुर से लेकर मोदीपुरम तक हाइवे की बात करे तो इस हाइवे पर बागपत बायपास के फ्लाईओवर की स्ट्रीट लाइट बंद है
और इस फ्लाईओवर की सर्विस रोड की स्ट्रीट लाइट जब से हाइवे शुरू हुआ है तब से बंद ही है। यह लाइटें आज तक नहीं जली है। यही हाल रोहटा रोड के फ्लाईओवर का है। इसकी लाइटें भी बंद पड़ी है और सर्विस रोड की लाइटें बंद है और यही हाल कंकरखेड़ा फ्लाईओवर का है। जहां शाम होते ही हाइवे अंधेरे में डूब जाता है, लेकिन किसी भी कंपनी के अधिकारी और एनएचएआई अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है।
सुविधा सिफर, फिर से टोल शुल्क बढ़ाने की कवायद
टोल कंपनी द्वारा एक जुलाई से शुल्क की बढ़ोतरी करने की शुरुआत कर दी गई है। इसका प्रपोजल बनाकर भी भेजने की तैयारी कर दी गई है, लेकिन सुविधा के नाम पर सिर्फ यात्रियों से खिलवाड़ किया जा रहा है।
कहां सोए हैं प्रोजेक्ट मैनेजर?
हाइवे के प्रोजेक्ट मैनेजर पूरे प्रकरण को जानकर भी अनदेखा कर रहे हैं। इस और उनका कोई ध्यान नहीं है। सार्वजनिक हित के अनुसार रात में हाइवे पर लाइट न जलना बड़ा अपराध है, लेकिन उसके बाद भी इस और कोई ध्यान नहीं है। जो लोगों किए चिंता का सवाल है।
भीषण गर्मी बांट रही आंखों की बीमारियां
भीषण गर्मी जहां लोगों को गैस, बदहजमी, उल्टी दस्त, चक्कर आदि रोगों से ग्रसित कर रही है। वहीं, आंखों की बीमारियां भी बांट रही है। आंखों के मरीजों की संख्या में तेजी से उछाल आया है। जिला अस्पताल में रोजाना साढ़े तीन सौ से लेकर चार सौ मरीज आंखों की बीमारियों से पीड़ित पहुंच रहे हैं। वहीं, प्राइवेट आई स्पेशलिस्टों के पास भी मरीजों की भीड़ लग रही है।
आजकल भीषण गर्मी ने कहर बरपा रखा है। पारा 44 डिग्री के आसपास है। दिन निकलते ही चिलचिलाती धूप लोगों को बेहाल कर रही है। भीषण गर्मी और लू में घर से बाहर निकलने वाले लोग आंखों में एलर्जी, कोरनिया में इन्फेक्शन, आई फ्लू, आंखें लाल होने आदि बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में आजकल रोजाना करीब 1700 से लेकर 1800 मरीज सभी बीमारियों के आ रहे हैं, जिनमें साढ़े तीन सौ से लेकर चार सौ मरीज आंखों के आ रहे हैं। अस्पताल में सुबह सात बजे से आंखों के मरीजों की लाइन लगनी शुरू हो जाती है।
मरीजों का कई-कई घंटे में नंबर आता है। इसके बाद उन्हें मशीन से आंखें टेस्ट कराने के लिए भी घंटों रुकना पड़ता है। वहीं, इस संबंध में जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. रितेश कुमार का कहना है कि भीषण गर्मी और लू की वजह से बड़ी संख्या में लोग नेत्र रोग से ग्रसित हो रहे हैं। पिछले माह के मुकाबले इस माह अभी तक नेत्र रोगियों की संख्या में लगभग डेढ़ गुना की वृद्धि हुई है। भीषण गर्मी में आई रेडनेस, आई इन्फेक्शन, आई एलर्जी के करीब साढ़े तीन सौ से लेकर चार सौ मरीज रोजाना आ रहे हैं। कुछ मरीज आई फ्लू भी आए हैं।

