- रैपिड रेल प्रोजेक्ट के कार्य के चलते थमता नजर नहीं आ रहा दरारों का सिलसिला
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मेरठ-दिल्ली रैपिड रेल प्रोजेक्ट के चलते दिल्ली रोड पर कई दुकानों व मकानों में गहरी दरारें आ गयी हैं। इनके गिरने की आशंका जतायी जा रही है। शनिवार को रैपिड के एक इंजीनियर इन दरारों का मुआयना करने के लिए दिल्ली रोड साइट पर पहुंचे। हालांकि उनकी ओर से किसी प्रकार आश्वासन अभी नहीं दिया गया है। रैपिड रेल के प्रोजेक्ट के चलते साइट के आसपास दुकानों व मकानों में दरारों के आने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। तकनीकि विशेषज्ञों का मानना है कि इसके लिए रैपिड प्रोजेक्ट का काम देखने वाले इंजीनियर जिम्मेदार हैं। ताजा मामला दिल्ली रोड से सटे शारदा रोड का है। दिल्ली रोड पर अनिल जैन का बीको इलेक्ट्रिक के नाम से शोरूम हैं। शोरूम के बराबर में ही उन्होंने फैक्ट्री भी लगायी हुई है।
उन्होंने बताया कि रैपिड प्रोजेक्ट के काम के कारण दुकने शोरूम व बेसमेट में बनाई गई फैक्ट्री में गहरी दरारें आ गयी हैं। दरारें काफी बड़ी हैं। इन दरारों की वजह से भवन में बड़े नुकसान की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि पूर्व में उन्होंने इसको लेकर शिकायत की थी, लेकिन प्रोजेक्ट पर काम करने वालों की ओर से अभी तक ऐसा कुछ नहीं किया जा सका है, जिससे राहत मिल सके। उन्होंने बताया कि शनिवार को साइट पर काम करने वाले इंजीनियर पवन आए थे। इस संबंध में जब साइट के इंजीनियर पवन से दुकानों व मकानों में दरारों का कारण पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी उन्हें हैं, लेकिन वह इसे निपटा कैसे जाएगा इसकी जानकारी नहीं दे सके। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आॅफिस में बैठकर बात की जा सकती है।
बेगमपुल, भैंसाली के आसपास भी दरारें
शहर में रैपिड प्रोजेक्ट काम के चलते कथित तकनीकि खामियों की वजह से पूर्व में बेगमपुल व भैंसाली जलीकोठी चौराहा स्थित कई मकानों में दरारें आ चुकी हैं। जिनमें दरारें आई उनमें पूर्व कैबिनेट मंत्री व सपा नेता का मकान भी शामिल हैं। बेगमपुल व आबूलेन इलाके में तो कई दुकानों में दरारें आयीं थीं। बाद में दुकानदारों ने खुद ही मरम्मत करायी। हालांकि दरारें अभी भी पूरी तरह से भरी नहीं हैं।
खादर में गहराया बाढ़ का संकट
हस्तिनापुर: पहाड़ी और मैदानी क्षेत्र में हो लगातार हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। शनिवार को बिजनौर बैराज से डाउन में 1 लाख 27 हजार क्यूसेक, जबकि अपर में 1 लाख 15 हजार क्यूसेक पर जल स्तर चल रहा है। लगातार हो रही भारी बरसात के चलते गंगा में जलस्तर लगातार वृद्धि हो रही है। जलस्तर में हो रही वृद्धि के चलते तहसील प्रशासन ने गंगा किनारे बसे गांवों में अर्लट जारी कर दिया है। वहीं, गंगा किनारे खादर क्षेत्र की फसलों में पानी पहुंचने से ग्रामीण और किसानों की चिंता बढ़ गई है। शनिवार रात बिजनौर बैराज से गंगा जलस्तर बढकर 1.27 लाख क्यूसेक से अधिक पानी गंगा नदी में छोड़ा गया है।
ऐसे में आने वाले 24 घंटे में यह पानी जिले की सीमा में प्रवेश कर जाएगा, जिससे लोगों की मुसीबत बढ़ सकती है। जिला प्रशासन गंगा पर नजर रखे हुए है। पहाड़ों पर लगातार बारिश के चलते गंगा में पिछले कई दिन से जलस्तर बढ़ रहा है। शनिवार को पानी गंगा किनारे खादर में पहुंच गया था। गंगा जलस्त में हो रही वृ़िद्व को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया और चार चौकी स्थापित कर कंट्रोल रूम बनाकर हेल्प लाइन नंबर जारी कर दिया। इसके साथ लेखपाल समेत अन्य संबंधित अधिकारियों को गंगा के पानी पर नजर रखने और ग्रामीणों खासकर किसानों को सचेत किया गया।

