Monday, March 16, 2026
- Advertisement -

मुख्य सचिव और डीजीपी ने की कांवड़ यात्रा की समीक्षा

  • ग्रुप में जल लेकर चलने वाले कांवड़ियां संबंधित थाने की जानकारी लेकर चलें
  • यूपी के कंट्रोल रूम में यूके और यूके के कंट्रोल रूम में यूपी के अधिकारी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी ने शनिवार को मेरठ पहुंचकर कांवड़ यात्रा तैयारियों की समीक्षा की। इसके अलावा दोनों अधिकारियों ने अन्य उच्च पदस्थ अधिकारियों के साथ कांवड़ यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश भी दिए। दोपहर करीब 12.30 बजे दोनों बडेÞ अधिकारी कमिश्नरी सभागार में पहुंचे। वहां कडेÞ सुरक्षा इंतजामों में बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में यूपी के अलावा उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली राज्य के भी बडेÞ अधिकारी मौजदू रहे। मुख्य सचिव मनोज कुमार ने कहा कि कांवड़ यात्रा सुरक्षित व सुगमता से संपन्न कराने में कोई कोर कसर न छोड़ी जाए।

कांवड़ियों की सुविधा का खास ध्यान रखा जाना चाहिए। जिस मार्ग से कांवड़ यात्रा होकर गुजरती है, वहां तमाम वो परंपरागत सुविधाएं प्रदान की जाएं जो जरूरी हैं और पूर्व में भी जिनकी व्यवस्था की जाती रही है। डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि यात्रा मार्ग के अलावा इस दौरान जिन-जिन जनपदों भी होकर यात्रा गुजरती है, वहां पुख्ता सुरक्षा की जाए। अतिरिक्त पुलिस फोर्स लगायी जाए। फोर्स की कोई कमी नहीं है। उन्होंने दूसरे राज्यों में कांवड़ियों के लिए किए जा रहे इंतजामों की भी जानकारी ली।

कांवड़ यात्रा पर जा रहे हैं तो आईडी लेकर निकलें

प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह व पुलिस प्रमुख प्रशांत कुमार ने समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए दावा किया कि सुगम व सुरक्षित कांवड़ यात्रा संपन्न कराने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। कांवड़ियों के सुरक्षा पर अधिकारियों का पूरा फोकस है। मुख्य सचिव ने कहा कि कांवड़ यात्रा पर निकलने वाले अपने साथ आईडी प्रूफ जरूर लेकर निकलें। इसके अलावा जो कांवड़ियां ग्रुप में जल लेने के लिए निकल रहे हैं वो अपने साथ संबंधित थाने की जानकारी अवश्य रखें। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए ताकि वक्त जरूरत पर काम आ सके। परिजनों से संपर्क साधा जा सके।

कांवड़ मार्ग पर मूलभूत सुविधाओं के निर्देश

मुख्य सचिव ने बताया कि कांवड़ मार्ग पर जल लेकर आने वालों की सुविधा के लिए तमाम मूलभूत सुविधाओं का इंतजाम करने के निर्देश जनपदों के जिलाधिकारी को दिए गए हैं। इन इंतजामों में कांवड़ मार्ग की सड़क ठीक होनी चाहिए उस पर गड्ढे नहीं होने चाहिए। सड़क की साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। इसके अलावा कांवड़ियों की सुविधा के लिए शुद्ध पेयजल, शौचालय व सेनिटेशन के साथ-साथ मेडिकल सुविधा का भी पुख्ता इंतजाम होना चाहिए।

मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने जानकारी दी कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन रास्तों से कांवड़ियां गुजरेंगे वहां समीप ही मेडिकल सुविधा होनी चाहिए। कांवड़ियों के लिए दवा आदि की समुचित व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विभाग समन्वय कायम कर यात्रा को सुगम बनाने काकाम करेंगे। व्यवस्था कुछ इस प्रकार की की जाए कि जरूरत पड़ने पर वहां एम्बुलेंस जा सके। यदि एम्बुलेंस संभव न हो तो छोटे वाहन जैसे ई-रिक्शा या फिर यह भी संभव ना हो तो फिर दो पहिया वाहनों का इंतजाम मेडिकल सुविधा देने के लिए पहले से तैयार रखें।

डीजीपी बोले-पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था

मीडिया को जानकारी देते हुए प्रदेश के पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि कांवड़ यात्रा की तैयारी को लेकर कडेÞ सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने दोहराया कि कांवड़ यात्रा पर नजर रखने के लिए हवाई सेवा का भी उपयोग किया जाएगा। सड़क से लेकर आसमान तक से नजर रखी जाएगी। स्थानीय पुलिस अधिकारियों को इसके लिए निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा उपायों को लेकर मुख्य सचिव के स्तर से भी तमाम जनपदों के पुलिस अधिकारियों को इसके लिए हालांकि पहले ही निर्देशित किया जा चुका है। उन्होंने जानकारी दी कि मुख्य सचिव की ओर से भी सुरक्षा इंतजामों को लेकर तमाम उन जिलों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। जहां से कांवड़ यात्रा गुजरेगी। सुरक्षित व सुगम कांवड़ यात्रा के लिए पुलिस की ओर से भी तमाम बंदोबस्त किए जा रहे हैं।

कांवड़ यात्रा के लिए लगायी हरिद्वार रूट पर 100 बसें

कांवड़ यात्रा के मद्देनजर रूट डायवर्जन होने श्रद्धालुओं के लिए मेरठ से 100 बसों का हरिद्वार के लिए संचालन किया जाएगा। बाइपास पर वाहनों का आवागमन बंद होने पर कंकरखेड़ा, बड़ौत बाइपास और बागपत बाइपास पर अस्थाई बस अड्डों से बसों का संचालन किया जाएगा। बागपत बाइपास पर अस्थाई बस अड्डा, यहां से बालैनी तक बसें संचालित होंगी। यहां से 25 बसें संचालित होंगी। बड़ौत बाईपास पर अस्थाई बस अड्डा, यहां से भैंसाली डिपो की 23 और मेरठ डिपो की 13 बसें बड़ौत के लिए संचालित होंगी। कंकरखेड़ा बाइपास, अस्थाई बस अड्डा, मेरठ शामली और मेरठ सरधना मार्ग पर यहां से बसें संचालित होंगी। यहां से 27 बसों का संचालन होगा।

बिजनौर और कोटद्वार की बसें मवाना बस अड्डे से मिलेगी, भैंसाली बस अड्डे से कोटद्वार, बिजनौर और हस्तिनापुर जाने वाली बसें कांवड यात्रा के दौरान मवाना बस स्टैंड से संचालित होंगी। यहां से 40 बसें संचालित होंगी जिसमें 20 बसें हरिद्वार जाएंगी। उधर, क्षेत्रीय प्रबंधक संदीप नायक ने बताया कि जिस समय श्रद्धालु कांवड़ लाने के लिए मेरठ से रवाना होंगे दोपहर दो बजे से रात 12 बजे हरिद्वार के लिए 25 बसें रिजर्व में रखी जाएंगी। रात में भी अगर कांवड़ियों की भीड़ अड्डे पर पहुंचेंगे तो बसें उपलब्ध कराई जाएंंगी।

तिरंगा लेकर चलेंगे कांवड़िये, होगी पुष्प वर्षा

कांवड़ यात्रा को इस बार देश भक्ति को ज्यादा फोकस किया जाएगा। बम भोले के साथ तिरंगा झंडा भी कांवड़ यात्रा पर नजर आएगा। उसके लिए कांवड़ियों को प्रेरित किया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने बताया कि इस बार भी हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर कांवड़ियों का स्वागत किया जाएगा। सुरक्षा के लिए कोई भी कोताही नहीं बरती जाएगी। सिविल पुलिस के अलावा पीएसी और अर्धसैनिक बल को भी लगा दिया गया है।

आठ कंट्रोल रूम और ड्रोन से रखी जाएगी नजर

कांवड़ यात्रा को सुरक्षित संपन्न कराने के लिए आठ कंट्रोल रूमों की स्थापना हरिद्वार से दिल्ली तक की जा रही है। इसके अलावा एक मुख्य कंट्रोल रूम भी रहेगा। डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि जो आठ कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। उनमें से जो उत्तराखंड राज्य में बनाए जाएंगे। उनमें यूपी पुलिस के ऐसे अधिकारी ड्यूटी पर मुस्तैद रहेंगे। जिन्हें पूरे रूट व यात्रा मार्ग के सामाजिक वातावरण की जानकारी हो। इसी प्रकार से जो कंट्रोल रूम में यूपी में बनाए जाएंगे। उनमें उत्तराखंड के पुलिस अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। ऐसा इसलिए किया जाएगा ताकि कंट्रोल के बीच बेहतर समन्वय कायम किया जा सके।

कंट्रोल रूम के अलावा डीजीपी ने ड्रोन से भी कांवड़ यात्रा पर नजर रखे जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व के सालों में भी ड्रोन से कांवड़ यात्रा पर नजर रखी गयी है। कांवड़ यात्रा को सुरक्षित संपन्न कराने के लिए सबसे ज्यादा जोर तमाम राज्य जहां से कांवड़ यात्रा होकर गुजरेगी सीसीटीवी पर जोर दे रहे हैं। सभी राज्यों के अधिकारियों का मानना है कि सीसीटीवी कैमरों की मदद सबसे ज्यादा कारगर साबित होगी। बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगवाए जा रहे हैं। केवल कैमरे ही नहीं अच्छी क्वालिटी के सीसीटीवी कैमरे लगवाए जोन के निर्देश दिए गए हैं।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

UP: मुरादाबाद में दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई कार, चार युवकों की मौत

जनवाणी ब्यूरो । नई दिल्ली: भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा घुसी।...

सिलेंडर बिन जलाए रोटी बनाने की कला

मैं हफ्ते में एक दिन आफिस जाने वाला हर...

सुरक्षित उत्पाद उपभोक्ता का अधिकार

सुभाष बुडनवाला हर वर्ष 15 मार्च को विश्व भर में...

पुराना है नाम बदलने का चलन

अमिताभ स. पिछले दिनों, भारत के एक राज्य और कुछ...
spot_imgspot_img