Friday, May 15, 2026
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कांवड़ यात्रा पर जमीन ही नहीं, आसमान से भी रहेगी नजर

  • मुख्य सचिव के अधिकारियों को रुके काम तेजी से निपटाने के निर्देश
  • चारों राज्यों के अधिकारियों से यूपी के अधिकारियों को समन्वय बनाकर कार्य के निर्देश

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: आगामी 22 जुलाई से शुरू होने जा रही कांवड़Þ यात्रा को सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए केवल जमीन ही नहीं आसमान से भी नजर रखी जाएगी। मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह व प्रदेश के पुलिस प्रमुख प्रशांत कुमार ने अधिकारियों कांवड़Þ यात्रा आयोजन से संबंधित जो भी कार्य अभी बाकी रह गए हैं, उनको शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए हैं। कांवड़ यात्रा की तैयारियों का जायजा लेने शनिवार को मेरठ पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह और डीजीपी प्रशांत कुमार ने निर्देश दिए कि सुगम व सुरक्षित कांवड़ यात्रा संपन्न कराने में कोई कोर कसर ना छोड़ी जाए।

यात्रा के दौरान चप्पे-चप्पे पर नजर होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में जो घटनाएं हुई हैं, वो दोहरायी नहीं जानी चाहिए। यात्रा शुरू होने से पहले ही ऐसे मामलों पर होमवर्क कर लिया जाना चाहिए। कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा के लिए कमिश्नरी सभागार में मुख्य सचिव व पुलिस प्रमुख ने चार राज्यों उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा व राजस्थान के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में डीजीपी डीके ठाकुर, कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे. व आईजी नचिकेता झा के समेत तैयारियों से जुडेÞ तमाम अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।

सूत्रों ने जानकारी दी है कि मुख्य सचिव व डीजीपी ने समीक्षा बैठक बैठक में मौजूद तमाम छोटी-छोटी बातों और बिंदुओं पर चर्चा की। साथ ही अधिकारियों को ये भी कहा कि इस प्रकार के आयोजनों में कामयाबी के साथ संपन्न कराने बड़ी चुनौती होने के अलावा खुद साबित करने का भी मौका होता है। उन्होंने कहा कि कावंड़ यात्रा को शानदार तरीके से संपन्न कराने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जानी चाहिए। तमाम अफसर एक टीम वर्क की तरह लग जाएं। यह एक बड़ा आयोजन है। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पल-पल की अपडेट शासन को दी जाए।

छोटी से छोटी घटना को तमाम बडेÞ अधिकारी अपडेट रहे। घटना कोई भी छोटी नहीं होती है। कई बार छोटी घटनाएं बडेÞ मामलों का रूप ले लेती हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान जो सूचना मिले उस पर तत्काल बडेÞ अधिकारी भी पहुंचें। अपनी मौजूदगी में प्रकरण का निस्तरण कराया जाए। लखनऊ से आए दोनों अधिकारियों ने कहाकि उन्हें पूरा विश्वास है कि कांवड़ यात्रा सुगम व सुरक्षित संपन्न होगी। उन्होंने कहा कि यूपी के अधिकारी चारों राज्यों के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखें।

बैठक में ये रहे मौजूद

मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, डीजीपी प्रशांत कुमार, एडीजी डीके ठाकुर, कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे., आईजी नचिकेता झा के अलावा रमित शर्मा एडीजी बरेली जोन, अनुपमा कुलश्रेष्ठ एडीजी आगरा जोन, दिनेश कुमार अपर पुलिस आयुक्त गाजियाबाद, कमिश्नरेट, एपी अंशुमान एडीजी अपराध एवं कानून-व्यवस्था उत्तराखंड, करण सिंह नगन्याल आईजी गढ़वाल परिक्षेत्र देहरादून, कुलवेंद्र सिंह आईजी करनाल, अजय साहनी डीआईजी सहारनपुर, मुनिराज डीआईजी मुरादाबाद, प्रमेन्द्र डोबाल, एसएसपी हरिद्वार, दीपक मीणा डीएम मेरठ व डा. विपिन ताडा एसएसपी मेरठ के अलावा पुलिस प्रशासन के दूसरे बडेÞ अफसर भी मौजूद रहे।

कांवड़ यात्रा के तहत अलर्ट मोड पर होंगे शहर के सरकारी अस्पताल

कांवड़ यात्रा के दौरान तमाम सरकारी व प्राइवेट अस्पताल अलर्ट मोड पर रहेंगे। कांवड़ यात्रा को सुगम व सुरक्षित संपन्न कराने के लिए सूबे की योगी सरकार कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। सरकार को ध्यान केवल यात्रा के दौरान किए जाने वाले इंतजामों पर ही नहीं है। सुरक्षा व अन्य मूलभूत सुविधाओं के अलावा मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कांवड़ियों को मेडिकल सहायता पर भी सबसे ज्यादा जोर दिया है। कांवड़ यात्रा मार्ग पर मेडिकल सुविधा के अलावा भी आसपास के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाएं अलर्ट मोड में रखी जाएंगी।

वहां चिकित्सक व मेडिकल स्टॉफ व जरूरी जीवन रक्षक दवाओं का इंतजाम रखने के निर्देश स्थानीय प्रशासन को दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर प्राइवेट अस्पताल संचालकों के संपर्क में अधिकारी रहेंगे। डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि प्रयास तो यही रहेगा कि कांवड़ यात्रा मार्ग या फिर चंद कदम की दूरी पर ही मेडिकल सहायता कैंप रहे। इसके अलावा उन्होंने मेडिकल की मोबाइल सुविधा पर भी बल दिया ताकि कांवड़ियों को जरूरत पड़ने पर तत्काल मेडिकल सहायता दी जा सके। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन से कहा गया है कि संबंधित जिलों के सीएमओ से मेडिकल सुविधाओं व तैयारियों को लेकर जरूर विस्तार से चर्चा कर लें।

मुख्य सचिव के निर्देश, आॅफिस से निकले, मौके पर पहुंचे अधिकारी

कांवड़ यात्रा तैयारियों की समीक्षा को पहुंचे मुख्य सचिव व डीजीपी का सबसे ज्यादा जोर सुरक्षित व सुगम कांवड़ यात्रा संपन्न कराने रहा। उन्होंने बताया कि अक्सर ऐसा होता है कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर गलत जगह शिविर लगा दिए जाते हैं। जल लेकर चलने वाले कांवड़िये कई बार खुले आसमान के नीचे सड़क पर ऐसे स्थान पर सो जाते हैं, जहां नहीं सोना चाहिए। अनेक बार हादसों का भी शिकार हो जाते हैं। जहां कांवड़िये सो रहे होते हैं, उस ओर कई बार वाहन आ जाते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। इसी प्रकार की तमाम व्यवस्ताओं को मुस्तैदी से देखने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं

वहां आॅफिस से निकलकर मौके पर पहुंचे और देखे कि किस स्थान पर कांवड़ सेवा शिविर लगाए जा रहे हैं। जल लेकर वापस लौटने के दौरान जहां कांवड़ियां विश्राम करेंगे। वहां स्थान सुरक्षित है या नहीं। वहां पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कराएं। आसपास साफ-सफाई खासतौर से बारिश के मौसम के चलते झाड़ियां आदि साफ करा दें। इस मौसम में सांप कीडेÞ ज्यादा निकलते हैं। यदि व्यवस्था कर दी गयी है तो अच्छा हैं यदि निरीक्षण नहीं किया है तो तुरंत यात्रा मार्ग पर निकलने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तरीय अधिकारियों से कहा गया है कि जहां शिविर लगाए जा रहे हैं, वहां जरूर मुआयना किया जाए।

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