जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: आज रविवार को संसद के मुख्य समिति कक्ष, संसदीय सौध में सर्वदलीय बैठक शुरू हुई। बताया जा रहा है कि यह बैठक संसद की कार्यवाही के लिए सहमति बनाने के मुद्दे पर हुई। बैठक में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और जेपी नड्डा समेत कई पार्टियों के नेता मौजूद रहे। बैठक में चिराग पासवान और कांग्रेस से प्रमोद तिवारी और गौरव गोगोई भी शामिल हुए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश बोले?
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने बताया कि सर्वदलीय बैठक में वाईएसआरसीपी ने आंध्र प्रदेश राज्य को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की है। कांग्रेस नेता ने बताया कि टीडीपी नेता इस मामले पर चुप रहे।
सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस ने विपक्ष के लिए लोकसभा उपाध्यक्ष का पद की मांग की और साथ ही नीट का मुद्दा भी उठाया। जयराम रमेश ने ये भी दावा किया कि जदयू ने भी बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की।
प्रमोद तिवारी ने सरकार के लिए कही ये बात
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ‘सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार बैसाखियों पर टिकी है और संविधान, उसके मूल्यों और परंपराओं की हत्या कर रही है। जिस तरह से संविधान निर्माता बी.आर. अंबेडकर और महात्मा गांधी की प्रतिमाओं को यहां से हटाया गया है, जिस तरह से संवैधानिक एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है, बेरोजगारी और महंगाई सरकार की नीतियों के कारण बढ़ रही है,
जिस तरह से जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में सेना और सुरक्षा बलों पर हमले हो रहे हैं और यह सरकार इन सबको कायरता के साथ तरह देख रही है, जिस तरह से इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के बलिदान का अनादर किया जा रहा है, ऐसे कई मुद्दे हैं जो लोगों से जुड़े हैं। हम इन सभी मुद्दों को उठाएंगे।’
सीपीआई-एम सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा ?
सीपीआई-एम सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि ‘संसद को ठीक से काम करना चाहिए और बहस और चर्चा होनी चाहिए, जो पिछले 10 वर्षों से नहीं हो रही है। हम चाहते हैं कि सरकार जमीनी हकीकत को समझे। बेरोजगारी दर अपने चरम पर है, लोग भूख से मर रहे हैं। राज्यों की शक्ति पर हमला हुआ है।’

