- प्रशासन की ओर किए गए इंतजामों का फीड बैक भी कांवड़ियों से लिया
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कांवड़ यात्रा शुरू होने के बाद सोमवार को डीएम और एसएसपी झमाझम बारिश में भीगते हुए कांवड़ यात्रा मार्ग पर इंतजामों का जायजा लेने के लिए निकले। कांवड़ मार्ग पर जहां भी कांवड़िये मिले, वहां बारिश की परवाह न करते हुए डीएम दीपक मीणा व एसएसपी डा. विपिन ताडा गाड़ी छोड़कर कांवड़ियों से मिलने जा पहुंचे। प्रशासन की ओर किए गए इंतजामों का फीड बैक भी कांवड़ियों से लिया। वहीं, दूसरी ओर झमाझम बारिश से विचलित हुए बगैर भीगते हुए ड्यूटी पर मुस्तैद पुलिस कर्मियों की भी हौसला अफजाई एसएसपी ने की।
कांवड़ यात्रा को सुरक्षित व सकुशल संपन्न कराने में प्रशासन व पुलिस की ओर से कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जा रही है। दिन में कई बार कांवड़ मार्ग पर आला अफसरों की गाड़ियां दौड़ती देखी जाती है। लगातार हो रहे पुलिस प्रशासन के आला अफसरों की मूवमेंट के चलते जो कांवड़ ड्यूटी पर हैं, वो भी मुस्तैद नजर आते हैं। दरअसल, मुजफ्फरनगर के छपार में बीती रात हुए हंगामे तथा उससे दो दिन पहले एक होटल हुए हुए हंगामे के बाद मेरठ में पुलिस प्रशासन तमाम आलाधिकारी सतर्कता बरत रहे हैं। बजाए फीड बैक लेने के डीएम व एसएसपी खुद ही मौके पर पहुंच रहे हैं।
कांवड़ यात्रा के इंतजाम बने मुसीबत
कांवड़ यात्रा सुरक्षित व सुगम संपन्न कराने के नाम पर जो इंतजाम किए गए हैं। वो शहरवासियों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। लोगों का कहना है कि ऐसा लगता है कि संवादहीनता के चलते यह सब कुछ झेलना पड़ रहा है। दिल्ली रोड, हापुड़ रोड और गढ़ रोड पर वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था 27 जुलाई से लागू होगी, लेकिन नगर निगम ने चार दिन पहले ही इन मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी। बैरिकेडिंग से सोतीगंंज व केसरगंज कट पूरी तरह बंद कर दिया। ऐसे में इन मार्गों से दिल्ली रोड पर आने वाले वाहनों को अनावश्यक रूप से अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी।
- 25 जुलाई से यह मार्ग वन-वे होगा। छोटे वाहन यहां से निकल सकेंगे।
- 27 जुलाई से यह मार्ग वाहनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
- 27 जुलाई से दिल्ली-देहरादून हाइवे, दिल्ली रोड, हापुड़ रोड वन-वे होगा।
- केवल निजी छोटे वाहन ही इन मार्गों से निकल सकेंगे।
- 29 जुलाई से 2 अगस्त तक यह मार्ग वाहनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिये जाएंगे।
गंगनहर पटरी मार्ग पर नो एंट्री
कांवड़ यात्रा नोडल अधिकारी/एसपी टैÑÑफिक राघवेन्द्र मिश्रा ने बताया कि नहर पटरी मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गयी है। वन-वे की जहां तक बात है तो वह 25 से लागू होगा। अभी कांवड़ियों की आमद की समीक्षा की जा रही है।
गंगनहर पटरी मार्ग पर वाहनों की एंट्री पर रोक
गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर वाहनों की एंट्री पर सख्ती से रोक लगा दी गयी है। एसएसपी ने गंगनहर पटरी पर ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को हिदायत दी है कि कोई भी वाहन गंगनहर पटरी से ना गुजरने पाए। कांवड़ यात्रा निर्विध्न संपन्न कराने को पूरा प्रशासन हाई अलर्ट पर है। डीएम दीपक मीणा ने हिदायत दी है कि कांवड़ यात्रा मार्ग तथा गंगनहर पटरी मार्ग पर कहीं भी पानी नहीं भरना चाहिए। यदि किन्हीं कारणों से यदि बारिश का पानी भर भी जाता है तो उसकी निकासी के पंंप तैयार रखे जाएं।
कांवड़ यात्रा मार्ग पर प्रशासन की ओर से जो कैंप लगाए गए हैं। वहां जरूरी दवाएं हर दशा में होने चाहिए। इसके अलावा सर्विस रोड भी ठीक करा लिए जाएं। वाट्स ऐप ग्रुप बनाकर तत्काल शिकायतों का निस्तारण किया जाये तथा कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहे, कोई भी शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल कार्रवाई की जाये। कांवड़ यात्रा में बचे हुये सभी स्थानों पर साइनेज बोर्ड लगा दिये जाये। एनएच-58 सहित समस्त कांवड़ मार्ग की बैरिकेडिंग कर ली जाये। बरसात के मौसम को दृष्टिगत रखते हुये जलभराव वाले स्थानों पर तत्काल पम्प की व्यवस्था की जाये।
एसीएम, एसडीएम अपने-अपने क्षेत्र का भ्रमण करते रहे। गंगनहर पटरी पर वाहनों का आवागमन पूर्ण रूप से बंद कर दिया जाये। डीएम दीपक मीणा ने बुधवार को कांवड़ यात्रा तैयारियों की समीक्षा को बैठक की। इसमें सीडीओ नूपुर गोयल, अपर जिलाधिकारी नगर बृजेश सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त सूर्यकान्त त्रिपाठी, एसडीएम सदर कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, अपर जिलाधिकारी भूमि अध्यापति राजपाल सिंह, जिला सूचना अधिकारी सुमित कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी रेनू श्रीवास्तव सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

