- उल्टे बह रहे पानी से पूरा खैरनगर क्षेत्र पानी-पानी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सांसद निधि से बनाए गए नाले में 30 करोड़ की रकम डूब गयी। शहर घंटाघर अहमद रोड का नए सिरे से निर्माण व रोड के दोनों ओर नाला निर्माण तथा घंटाघर पर पुलिया को राज्यसभा सांसद डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है। उन्होंने इसके लिए काफी प्रयास भी किए, लेकिन पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों की कारगुजारी राज्यसभा सांसद डा. वाजपेयी के ड्रीम प्रोजेक्ट पर भारी पड़ गई हैं।
कृष्णापुरी पत्थर वालान से जलीकोठी, पीर चौराहा तक सड़क के दोनों ओर नाला बनाया जाना था। हालांकि नाला पहले से थे, लेकिन वो बुरी हालत में था। इसको लेकर प्रयास रंग लाए और सरकार ने जलीकोठी पीर चौराहे से शहर घंटाघर तक सड़क व सड़क के दोनों ओर नाले की स्वीकृति दे दी। राज्यसभा सांसद डा. लक्ष्मीकांत वाजेपयी ने भी सांसद निधि से इसके लिए एक बड़ी रकम अवमुक्त करा दी। लंबे वक्त के बाद सड़क और नाला जब बनकर तैयार हुए तो राहत के बजाए आफत साबित हुए। नाला पीडब्ल्यूडी ने बनाया है, लेकिन आफत नगर निगम की आयी हुई है।
क्योंकि इसे उल्टा बना दिया गया। नाले का पानी बजाए छतरी वाले पीर से होकर पटेल नगर नाला और वहां से फिल्मिस्तान के पीछे होकर बच्चापार्क वाले नाले में गिरने के बजाए छतरी वाले पीर से उल्टे बैक मार रहा है। मुसीबत यही तक नहीं रही। नाले को ढक भी दिया गया है। इसको कवर कर दिए जाने की वजह से सफाई में दिक्कत आ रही है, लेकिन समस्या नाला सफाई की नहीं बल्कि कृष्णापुरी से बहकर पानी के पटेल नगर नाले तक पहुंचने की है। छतरी वाले पीर से आगे अवैध कब्जे नाले की सफाई में बड़ी बाधा हैं, लेकिन वहां तक पानी जब पहुंचेगा, तभी तो सफाई भी करायी जा सकेगी,
नाले का पानी तो राम रहीम फूल वाले के यहां से ही बैक मार रहा है। सपा नेता अफजाल सैफी ने आरोप लगाया कि नाला उल्टा बना दिए जाने से बारिश के दौरान खैरनगर मीट वाली गली, बनबटान, दवा मार्केट खैरनगर, मुलरवाली गली, एसबीआई वाली गली, कम्बोह गेट, गुलरवाली गली, धोबियों का छत्ता, मिरासी वाली गली व पान दरिबा में पानी भर जाता है। पूरे शहर में बारिश का पानी उतर गया, लेकिन इन इलाकों में भरा पानी उतरा नहीं बल्कि जब तक धरती ने पानी सोख नहीं लिया, तब तक पानी भरा रहा। क्योंकि नाला ऊंचा कर दिया गया है।
कवर हटाकर जाली लगाएं
नाला बनाने वाले पीडब्ल्यूडी के अनाड़ी इंजीनियरों ने जनता के चुने हुए नुमाइंदों से सलाह की जरूरत नहीं समझी। कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने बताया कि एक तो नाला उलटा बना दिया। यह नाला खामियां का अंबार है। दूसरे इसको ढक भी दिया। पहले इस नाले के किनारे पर लोहे का जंगला लगा था। वैसा ही जंगला अब भी लगाया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
पीडब्ल्यूडी पर फोड़ा ठीकरा
नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. हरपाल सिंह से जब इस इलाके में पानी के भराव व गंदगी की समस्या को लेकर बात की गई तो उन्होंने बताया कि नाला पीडब्ल्यूडी ने बनाया है, इस मुसीबत से जुडेÞ सवालों का जवाब पीडब्ल्यूडी के नाला बनाने में देखभाल करने वाले अफसर ही दे सकते हैं।

