- कांवड़ यात्रा से व्यापार को लगा 600 करोड़ का फटका
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कांवड़ यात्रा के मद्देनजर महानगर में की गई बैरिकेडिंग हटाने के साथ ही शनिवार के लोगों ने अपने आपको आजाद महसूस किया। बाजारों में रौनक लौट आई। उधर, नवीन मंडी में फलों, सब्जियों और खाद्य वस्तुओं की आवक शुरू हो गई। महानगर को बैरिकेडिंग से बंद करने से यहां के व्यापार को 600 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
कांवड़ यात्रा की सुरक्षा को लेकर 22 जुलाई ने एनएच-58 और शहर के अंदर भारी वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई थी। इसके साथ गांव दादरी से लेकर मोहिउद्दीनपुर तक हाइवे को वन वे कर दिया गया था। मोदीपुरम बाइपास से परतापुर फ्लाईओवर तक शहर के अंदर बैरिकेडिंग की गई थी। इसी तरह बेगमपुल से लोहियानगर तक और हापुड़ अड्डा चौराहे से काली नदी तक भी बैरिकेडिंग करके वन वे कर दिया गया। 27 जुलाई से शहर में चौपहिया वाहनों की आवाजाही भी बंद कर दी गई थी। हद तो ये है कि गली मोहल्लों के आगे बल्लियां लगाकर किसी भी प्रकार के वाहनों को मेन रोड पर आने नहीं दिया गया।
यह हालात देखकर अधिकांश नगरवासी घरों से बाहर नहीं निकल पाए। इसका असर व्यापार पर पड़ा। नवीन मंडी में फलों व सब्जियों की आवक में करीब 80 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि खाद्य वस्तुओं और तेल, घी व मसाले आदि की आवक आठ दिन तक शून्य रही। इससे करोड़ों रुपये का व्यापार ठप रहा। 10 दिनों तक बाजार सूने रहे। इससे स्पोर्ट्स इंडस्ट्री, स्वर्ण और डायमंड आभूषण उद्योग व कारोबार, कैंची, कपड़ा इंडस्ट्री को करोड़ों का नुकसान हुआ। इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट व्यवसाय को भी करोड़ों का फटका लगा। हजारों ट्रक, मिनी ट्रक, छोटे माल वाहक वाहन, थ्रीव्हीलर तक का संचालन बंद रहा।
रेलवे साइडिंग पर 10 दिनों में कोई माल गाड़ी माल लेकर नहीं आई। इससे भी करोड़ों का व्यापार प्रभावित हुआ। शनिवार को बैरिकेडिंग हटी तो लोग घरों से बाहर निकले। लोगों ने अपने आपको आजाद महसूस किया। बाजारों में रौनक हो गई। लोगों ने अपनी जरूरत के सामान की खरीदारी की। घंटाघर, खैरनगर बाजार, वैली बाजार, लाला का बाजार, शहर सराफा, पालिका बाजार, केसरगंज, सदर बाजार, सदर सराफा बाजार, आबुलेन, बेगमपुल, हापड़ अड्डा चौराहा आदि बाजारों में कई बार जाम लगा।
भैंसाली बस अड्डे से शुरू हुआ बसों का संचालन
मेरठ: कांवड़ यात्रा के दौरान आठ दिन तक सोहराब गेट स्टेशन से संचालित होने के बाद मेरठ डिपो और भैंसाली डिपो की बसों का संचालन शनिवार से पूर्ववत भैंसाली स्टेशन से शुरू हो गया है। गत 26 जुलाई को भैंसाली बस अड्डे से चलने वाली सभी बसों को सोहराब गेट डिपो से संचालित कराया गया। इस बीच सोहराब गेट की 221 और मेरठ तथा वैशाली डिपो की 100-100 बसों को सोहराब गेट स्टेशन से चलने की व्यवस्था कराई गई। तीनों डिपो की बसों को संचालित करने के लिए स्टाफ को भी वही तैनात किया गया। शुक्रवार को कांवड़ यात्रा और शिवरात्रि का पर्व संपन्न होने के बाद सोहराब गेट स्टेशन से दोनों डिपो की बसों को भैंसाली बस स्टेशन लाया गया।
जहां से शनिवार को उनका संचालन पूर्ववत शुरू कर दिया गया। हालांकि इस दौरान भैंसाली बस डिपो की बहुत सी अनुबंधित बसें नहीं पहुंच सकीं। वहीं, स्टाफ के अभाव में मेरठ डिपो की निगम की बसों का संचालन भी शत-प्रतिशत नहीं हो पाया। इसका कारण यह बताया गया कि कांवड़ यात्रा के दौरान बहुत से स्टाफकर्मी कांवड़ लेने या अपने घरों में छुट्टी मनाने के लिए चले गए थे। हालांकि शनिवार को यात्रियों की संख्या भी अपेक्षाकृत कम ही रही है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई एक-दो दिन में दोनों डिपो की बसों का संचालन सुचारू रूप से हो जाएगा।

