- खैरनगर मामले में अभी गिरफ्तारी और मुकदमा नहीं, एसपी सिटी से मिले भाजपाई
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: देहलीगेट थाना के खैरनगर इलाके में शुक्रवार की रात को अवंतीबाई लोधी की शोभायात्रा के दौरान हुई पथराव व मारपीट करने वालों की पुलिस सीसीटीवी फुटेज व वायरल हो रहे वीडियो में तलाश कर रही है। घटना में अभी ना तो कोई लिखा पढ़ी की गयी है और ना ही कोई गिरफ्तारी की गयी है। इस बीच पता चला है कि गिरफ्तारी की डर से बड़ी संख्या में खैरनगर से युवक गायब हो गए है। शनिवार को इस मामले में आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर भाजपाई एसपी सिटी से मिले।
वहीं, दूसरी ओर शोभायात्रा के दौरान हुई घटना के कसूरवारों तक पहुंचने के लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज व सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो देख रही है। इनकी मदद से शोभायात्रा में उपद्रव करने वालों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का प्रयास है कि कोई बेगुनाह ना फंसे। इसीलिए सीसीटीवी व वायरल वीडियो की जांच की जा रही है।
खैरनगर में शोभायात्रा के दौरान हुए घटना के विरोध में व आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर भाजपा का एक प्रतिनिधि मंडल शनिवार को एसपी सिटी से मिलने पहुंचा। संगठन के महानगर अध्यक्ष सुरेश जैन रितुराज व कमल दत्त शर्मा के साथ मिलने पहुंचे प्रतिनिधि मंडल ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। भाजपा के महानगर अध्यक्ष सुरेश जैन रितुराज ने एसपी सिटी से कहा कि इस मामले की जांच कराकर उन पुलिस कर्मियों पर भी कार्रवाई की जाए जो वहां मौजूद थे और उन्होंने पथराव करने वालों को रोकने का प्रयास नहीं किया।
वो पथराव को रोकने में विफल रहे, उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस की होती है, और इस प्रकार की चूक को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। एसपी सिटी ने इस मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही।
हाईकोर्ट की अफसरों को 40 दिन की मोहलत
मेरठ: महानगर में अवैध रूप से चल रहे ई-रिक्शाओं और उनसे पैदा मुसीबत को लेकर दायर की गई जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान मेरठी अफसरों को हाईकोर्ट ने फिलहाल 40 दिन की मोहलत दी है। दरअसल, मेरठ में अवैध ई-रिक्शाओं की वजह से खड़ी हुई जाम की समस्या को लेकर मिशन कंपाउंड थापर नगर निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट मनोज चौधरी ने जनहित याचिका दायर की है। बीते बुधवार को चीफ जस्टिस हाईकोर्ट की कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई। याचिका कर्ता के वकील सौरभ सिंह ने बताया कि मेरठ के अफसरों की ओर से दाखिल किए गए उत्तर में कहा गया कि इस संबंध में काफी काम किया जा चुका है।
इसके लिए लगातार प्रयास जारी है। एक रोड मेप तैयार किया गया है। ई रिक्शाओं के लिए रूट तय किए जाने का भी काम चल रहा है। काफी काम किया भी जा चुका है। इस मामले में अफसरों ने कोर्ट से समय मांगा। जिसके चलते कोर्ट ने चालिस दिन का समय मेरठ के पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को दिया है। आरटीआई एक्टिविस्ट ने बताया कि इस मामले में उनकी ओर से अधिवक्ता सौरभ सिंह, एडवोकेट व भानु प्रताप सिंह एडवोकेट कोर्ट में पेश हुए। इस मामले की अब अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी।

