- रेलवे अधिकारियों ने मुख्यालय को भेजी रिपोर्ट माना जा रहा असम की रिफाइनरी से हुई चूक
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: गत 17 अगस्त को असम से मेरठ इंडियन आयल कंपनी के लिए पेट्रोल लेकर आई एक मालगाड़ी के एक टैंकर में आग लगने की वजह जांच में टैंकर के ढक्कन की रबर का कटना माना। अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट मंडल मुख्यालय को भेज दी। माना जा रहा है कि यह चूक असम की रिफाइनरी से हुई। गौरतलब है कि गत 17 अगस्त को असम के जलपाईगुड़ी से इंडियन आयल कंपनी का 48 टैंकरों में 35 लाख लीटर पेट्रोल लेकर एक मालगाड़ी के एक टैंकर के ऊपरी ढक्कन में अचानक आग लग गई थी। उक्त सिटी स्टेशन के यार्ड में लाइन नंबर सात पर थी और लोको पायलट उसे परतापुर ले जाने के लिए लाइन बदलने जा रहा था। इस टैंकर में करीब 70 हजार लीटर पेट्रोल था। उक्त ट्रैंकर के ऊपरी ढक्कन में लगी आग को देखकर प्लेटफार्म नंबर चार व पांच पर मौजूद यात्रियों में अफरा तफरी मच गई थी।
लोको पायलट व गार्ड ने मालगाड़ी के टैंकर में आग लगने की सूचना तुरंत स्टेशन पर सूचना दी थी। स्टेशन फौरन दिल्ली कंट्रोल को सूचित किया गया थी। लोको पायलट व गार्ड आदि स्टाफ ने ट्रेन में उपलब्ध अग्निशमन यंत्रों से आग बुझाने का प्रयास किया था, सफल न होने पर फायरब्रिगेड को बुलवाया गया था। फायरब्रिगेड की चार गाड़ियों ने आग पर काबू पाया था और टैंकर को ठंडा किया था। इस घटना की जांच लोको पायलेट प्रभारी यादवेन्द्र सिंह, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के इंस्पेक्टर योगेश भाटी और टीआई एसके जैन ने की। सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट रेलवे के दिल्ली मंडल के मुख्यालय भेज दी गई। जांच में पाया गया कि टैंकर के ऊपरी ढक्कन की रबर कटने से आग लगी। माना जा रहा है कि यह चूक असम की रिफाइनरी से हुई है।
पथराव करने वालों की तलाश में ताबडतोड़ दबिश
मेरठ: अवंतीबाई लोधी की शोभायात्रा के दौरान खैरनगर इलाके में पथराव व मारपीट करने के करीब दर्जन भर से ज्यादा आरोपियों की तलाश में पुलिस ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी के डर से सभी अभी फरार हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है। उपद्रवियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि इस मामले में पुलिस बहुत सख्ती से पेश आ रही है। 16 अगस्त की देहलीगेट थाना के खैरनगर की घटना में जो भी शामिल रहे हैं, उनको गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। इतना ही नहीं पुलिस का प्रयास रहेगा कि ये लोग आसानी से जमानत कराकर बाहर ना आए। इनके खिलाफ गंभीर धाराओं में लिखा पढ़ी करायी जा रही है। वहीं, दूसरी ओर पुलिस की कार्रवाई के डर से तमाम घरों से लोग गायब हैं।
जिनके यहां दबिश दी गयी हैं बताया जाता है कि उनके परिवार में कोई पुरुष सदस्य नहीं मिला। घर पर केवल महिलाएं व बच्चे ही मिले। वहीं, दूसरी ओर भाजपा व हिन्दू संगठनों के नेताआओं ने इस मामले में पुलिस से आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। भाजपा नेता अंकुर गोयल, हिन्दूवादी नेता सचिन सिरोही, कमलदत्त शर्मा, अजय गुप्ता, अंकित मनु आदि ने कहा है कि शहर का माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के साथ सख्ती से पेश आना चाहिए। इसके अलावा जो लोग अंडरग्राउंड हैं, उनकी मदद करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
पीट-पीट कर प्रोफेसर का हाथ तोड़ने वालों की तलाश
मेरठ: नौचंदी थाना क्षेत्र स्थित एक रेस्टोरेंट में परिवार के साथ खाना खाने के लिए पहुंचे सीसीएसयू के प्रो. राकेश गुप्ता को पीट-पीट कर उनका हाथ तोड़ने वाले युवकों की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। इसके लिए सोमवार को पुलिस ने दर्जन भर से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाले हैं। सीसीटीवी में रेस्टोरेंट में मारपीट की घटना भी कैद हुई है। इनमें मारपीट करने वाले युवक को आसानी से देखा जा सकता है। जो चेहरे सीसीटीवी में नजर आ रहे हैं, पुलिस उनकी पहचान का प्रयास कर रही है। माना जा रहा है कि इनमें से कुछ आरोपी सीसीएसयू या फिर किसी अन्य कालेज के छात्र भी हो सकते हैं। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि प्रोफेसर की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर यह भी जानकारी मिली है कि मारपीट के कसूरवारों तक पहुंचने के लिए कुछ को पूछताछ के लिए थाने में भी बुलाया गया था।

