- पीवीवीएनएल एमडी के सामने भाकियू नेताओं ने खोली बिजली अफसरों के दावों की पोल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सूबे के सीएम की हिदायत 72 घंटे के भीतर फुंके या खराब ट्रांसफार्मर बदले जाने की है, लेकिन बिजली अफसरों की नींद 15 दिन तक नहीं टूटती। भाकियू नेताओं ने मंगलवार को एमडी ईशा दुहन के सामने पावर अफसरों के दावों की कलई खोलकर रख दी। एमडी के साथ ऊर्जा भवन विक्टोरिया पार्क के मीटिंग हाल में वार्ता के दौरान भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत भी मौजूद थे। इसमें मेरठ के अलावा बुलंदशहर, हापुड़, गाजियाबाद, नोएडा, मोदीनगर, मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों से संगठन के बडेÞ नेता पहुंचे थे। दोपहर 1.45 बजे शुरू हुई बैठक में खराब ट्रांसफार्मरों को बदले जाने में होने वाली देरी का मुद्दा जोर शोर से उठाया गया।
एमडी को बताया गया कि शिकायत किए जाने के बाद भी 15 दिन तक फुंके हुए ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाते हैं। अनाप-शनाप बिल भेजे जा रहे हैं। एक पंखा और एक बल्ब वाले घरों में भी लोड बढ़ा दिया जाता है। प्राइवेट मीटर रीडर के साथ कभी भी बिजली कर्मचारी चेकिंग के लिए नहीं आते। जो शिकायत दी जाती हैं, उनकी रिसीविंग नहीं मिलती, मकानों के ऊपर से जा रही हाइटेंशन लाइनों को लेकर दर्जनों शिकायतों के बाद भी कोई सुनवाई नहीं। इनकी चपेट में आकर कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। फील्ड स्टॉफ केवल उनका काम करता है। जिनसे पैसे मिल जाते हैं। इस मौके पर भाकियू प्रवक्ता ने पावर अफसरों से दो टूक कहा कि किसानों की समस्या यदि हल नहीं की गई तो किसान फिर यहीं उनके दफ्तार में आकर डेरा डाल देंगे।
एमडी ने बताया कि तमाम समस्याओं को तय मियाद में हल कराया जाएगा। किसान नेताओं ने कहा कि रात में विजीलेंस के छापे की सीएम आॅफिस तक से साफ मनाही है, इसके बावजूद टीम देर रात छापा मारती है। यदि देर रात छापा मारा जाएगा तो किसान विजीलेंस टीम को बंधक बनाएंगे ही। एमडी ईशा दुहन ने देर रात छापों को अनुचित बताता और इसको लेकर संबंधित महिला अधिकारी के समक्ष नाराजगी का भी इजहार किया। भाकियू नेताओं ने आरोप लगाया कि केवल धन उगाही के लिए ही रात में छापे मारे जाते हैं। विजीलेंस के स्टाफ ने गांवों में अपने दलाल छोड़े हुए हैं।
ट्रांसफर स्टेशनों के चारों ओर गंदगी देख भड़के नगरायुक्त
मेरठ: नगरायुक्त अमित पाल शर्मा मंगलवार को कूड़ा ट्रांसफर स्टेशनों के चारों ओर कूड़े के अंबार मिलने पर भड़क गए। उन्होंने कूड़ा उठाने वाली बीवीजी कंपनी के मैनेजर आपरेशन और प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी की जमकर क्लास ली और उनसे जवाब तलब किया है। उन्होंने बीवीजी के सभी वाहनों की जीपीएस लोकशन की रिपोर्ट मांगी। नगरायुक्त ने पुराना कमेला पर बन रहे एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर के निर्माण में घटिया सामग्री लगाने और गुणवत्ता के अनुरूप कार्य न करने पर नाराजगी जताई और गुणवत्ता के आधार पर कार्य करने के लिए सीएंड डीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर व जल निगम परियोजना अधिकारी से जवाब तलब किया।
नगरायुक्त नौचंदी ग्राउंड स्थित कूड़ा ट्रांसफर स्टेशन पहुंचे। वहां कूड़े के अंबार लगे थे। आसपास गंदगी पड़ी थी और वहां दुर्गांध फैल रही थी। यह देख नगरायुक्त ने नाराजगी जताई और बीवीजी के मैनेजर अंकित त्यागी, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. हरपाल की जमकर क्लास ली और उनका स्पष्टीकरण मांगा। इसके बाद नगरायुक्त ने पुराना कमेला स्थित कूड़ा ट्रांसफर सेंटर का निरीक्षण किया। यहां भी कूड़े का अंबार लगा मिला और दूर-दूर तक गंदगी फैली मिली। उन्होंने बीवीजी के प्रभारी सौरभ कुमार की क्लास ली। नगरायुक्त ने सूरजकुंड वाहन डिपो प्रभारी को बीवीजी के सभी 31 वाहनों की जीपीएस लोकेशन की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सी एंड डीएस पुराना कमेला पर चल रहे एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर निर्माण में अनियमितताएं मिलने पर नाराजगी जताई। नगरायुक्त ने चौखटें बेकार मिलीं। प्लास्टर बेहद खराब किया जाता मिला। उसका फर्श भी नीचा और चिनाई भी बेहद खराब मिली। नगरायुक्त ने सी एंड डीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर व जल निगम के परियोजना अधिकारी को इस संबंध में पत्र भेजकर जवाब तलब करने और गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य कराने को कहा। इस मौके पर अमित शर्मा अधिशासी अभियंता, छोटे लाल वर्मा सहायक अभियंता, राजेश कुमार प्रभारी वाहन डिपो आदि अधिकारी मौजूद रहे।

