- रेलवे लाइन की दोनों ओर बनने नहीं दी बाउंड्री
- एक राज्यसभा सदस्य के हस्तक्षेप से कई माह से रुका है काम
जनवाणी संवादाता |
मेरठ: रेलवे ट्रैक पर कभी खंभा या कभी भारी भरकम लोहे की वस्तु रखकर या मिनी गैस सिलेंडर रखकर असामाजिक तत्व ट्रेनों को पलटने की साजिश रच रहे हैं। ट्रैक व ट्रेनों की सुरक्षा को लेकर रेलवे की बाउंड्री योजना यहां जटौली के चंद लोगों की जिद के कारण परवान नहीं चढ़ पा रही। एक राज्यसभा सदस्य के हस्तक्षेप के बाद से यहां रेलवे ट्रैक के दोनों ओर बाउंड्री का निर्माण रुका है। ऐसे में यहां रेलवे ट्रैक और ट्रेनों की सुरक्षा को लेकर खतरा बना है।
रेलवे ट्रैक और ट्रेनों की सुरक्षा के साथ-साथ रेलवे लाइन पार करते समय ट्रेनों की चपेट में आकर लोगों की मौत होने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे द्वारा रेलवे लाइन की दोनों ओर बाउंड्री बनाने की करोड़ों रुपये की योजना पर कार्य चल रहा है। न्यू गाजियाबाद-टपरी सहारनपुर रेलवे ट्रैक पर मेरठ में जटौली में रेलवे फाटक के पास करीब छह माह पूर्व रेलवे ट्रैक की एक ओर बाउंड्री निर्माण कार्य शुरू किया गया था।
जब फाटक से लेकर नाले की पुलिया तक बाउंड्री बननी शुरू हुई तो पास में रहने वाले कुछ लोगों ने बाउंड्री निर्माण के विरोध में हंगामा किया था। उन्होंने अपनी गलियों के आगे रास्ता छोड़ने की मांग की थी। चंद ग्रामीणों का कहना था कि रेलवे लाइन की एक ओर उनके घर हैं और दूसरी ओर खेत हैं, उन्हें खेत पर जाने के लिए रास्ता देना जरूरी है, लेकिन रेलवे के अधिकारियों ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि रेलवे अपनी भूमि पर बाउंड्री बना रहा है,
यह कार्य ट्रेनों व ट्रैक की सुरक्षा के साथ-साथ रेलवे लाइन पार करते समय ट्रेनों की चपेट में आकर होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना था कि जिसे रेलवे लाइन पार करनी है, वह फाटक खुलने के दौरान फाटक से ही रेलवे लाइन को पार करे। इस पर गांव के एक नेता ने एक राज्यसभा सांसद को मोबाइल पर कॉल करके सूचना दी कि रेलवे उनका रास्ता बंद कर रहा है।
इस पर राज्यसभा सदस्य ने हस्तक्षेप करके बाउंड्री का निर्माण रुकवा दिया। करीब तीन माह से बाउंड्री का निर्माण बंद है। जटौली के चंद लोगों की जिद है कि उन्हें रेलवे ट्रैक पार करने को रास्ता दिया जाए। चार गलियों के आगे लोगों ने बाउंड्री बनने नहीं दी। ऐसे में रेलवे ट्रैक, ट्रेनों व आम लोगों की सुरक्षा की योजना परवान नहीं चढ़ पा रही। ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार करते हैं। उधर, रेलवे ट्रैक और ट्रेनों की सुरक्षा को लेकर खतरा बना है।
प्राइमरी स्कूल के बच्चों ने छत पर लगाई झाड़ू, वीडियो वायरल
कंकरखेड़ा: पावलीखास में प्राइमरी स्कूल में एक छत पर स्कूली बच्चों का झाड़ू लगाने का वीडियो मंगलवार को वायरल हो गया। वायरल वीडियो में बच्चे स्कूल की छत पर झाड़ू लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली। हाइवे स्थित पावलीखास गांव में सरकारी प्राइमरी स्कूल है। जिसमें काफी संख्या में गांव के बच्चे पढ़ने के लिए जाते हैं। मंगलवार को छात्र स्कूल की छत पर झाड़ू लगा रहे हैं। वही झाड़ू लगाने के बाद कूड़ा भी उठा रहे हैं। छात्रों के स्कूल की छत पर झाड़ू लगाने का वीडियो एक ग्रामीण ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया।
वीडियो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। स्कूल के पास से ही हाइटेंशन लाइन जा रही है। जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों ने स्कूल प्रधानाध्यापक से संपर्क करने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने स्कूल छत पर छात्रों द्वारा लगाई जा रही झाड़ू का विरोध किया। वही ग्रामीणों में मामले को देखकर नाराजगी देखी जा सकती है। ग्रामीणों ने कहा कि वह मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को लिखित में देंगे। ग्रामीणों ने कहा कि अगर कोई बच्चा छत से गिर जाता तो गंभीर रूप से चोटिल हो सकता था। आखिरकार इसकी जिम्मेदारी किसकी है।

