- महंगी शिक्षा और महंगी चिकित्सा के खिलाफ अतुल का धरना शुरू
- धरनास्थल पर जुटी हजारों की भीड़, चिकित्सकों की संपत्ति की जांच की मांग
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा के नाम पर और प्राइवेट अस्पतालों इलाज के नाम पर अनाप-शनाप वसूली के विरोध में सरधना विधायक अतुल प्रधान ने अपने हजारों समर्थकों के साथ भामाशाह मैदान में धरना शुरू कर दिया है। इस धरने में हजारों की भीड़ जुटी। धरने में समाजवादी पार्टी के नेता कई स्थानीय नेता भी शामिल हुए। कई सामाजिक संगठनों ने भी इस धरने का समर्थन किया। अतुल प्रधान ने इस धरने को बेमियादी धरने में बदलने का ऐलान किया।
सपा विधायक अतुल प्रधान काफी समय से प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों से अनाप-शनाप बिलों की वसूली के खिलाफ आंदोलन चला रहे हैं। एक बार पूर्व में भी वह बेमियादी धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। दूसरी बार उन्होंने गुरुवार से भामाशाह मैदान में आंदोलन छेड़ा है। इस आंदोलन में वह प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा के नाम पर मोटी फीस वसूली व अन्य शुल्क, किताबें निर्धारित बुक डिपो से खरीदने की बंदिश के खिलाफ भी आवाज बुलंद की है। अतुल ने कलेक्ट्रेट में इस धरने का आह्वान किया था, लेकिन हजारों की भीड़ आने को लेकर प्रशासन के हाथ-पैर फूले थे।
प्रशासन ने कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। उन्हें भामाशाह मैदान में 24 घंटे धरना प्रदर्शन की अनुमति दी गई। भामाशाह मैदान में सुबह से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। दिनभर धरनास्थल पर हजारों की भीड़ जुटी रही। धरनास्थल पर अतुल प्रधान ने कहा कि प्राइवेट चिकित्सकों और प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के नाम पर लोगों को लूटा जा रहा है, डाक्टरों का लैब, दवाइयों और सर्जिकल गुड्स की कंपनी कमीशन मिलता है, वे कमीशन के चलते लोगों को हजारों रुपये की जांचें कराते हैं। जिस जांच की जरूरत भी नहीं होती वह भी कराई जाती है।
आपरेशन के नाम पर मरीजों का जमकर लूटा जा रहा है। नर्सिंग होमों में मरने के बाद भी मरीजों को वेंटीलेटर पर लिटा कर लाखों रुपये की वसूली की जाती है। किसी भी नर्सिंग होम में और जांच लैब में तथा जांच सेंटरों में रेट लिस्ट नहीं टांगी जाती। वे मरीजों से मनमर्जी से वसूली करते हैं। एक गोली दो रुपये मिलती है, वही गोली दूसरी कंपनी की तीस रुपये चालीस रुपये में मिलती है। इसकी वजह डाक्टरों का कमीशन का खेल है। दवा कंपनियां डाक्टरों को लाखों रुपये की विदेश यात्रा करती हैं, उन्हें लाखों के गिफ्ट देती हैं। डाक्टर एक दो साल में ही करोड़पति बन जाते हैं।
प्राइवेट डाक्टरों की संपत्ति की जांच की जानी चाहिए। चिकित्सकों की तरह प्राइवेट स्कूलों में भी लोगों लूटा जा रहा है। प्राइवेट स्कूल, कालेज और महाविद्यालयों व इंस्टीट्यूटों में बेताशा फीस वसूली जा रही है। ट्यूशन फीस के अलावा बिल्डिंग फंड, एक्जाम फीस और अन्य शुल्क के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है। गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश नहीं दिया जाता। स्कूल कालेज संचालकों का किताब वालों से सेटिंग है, वे हर वर्ष किताबें दूसरी लगा देते हैं। किताबों, बैग, ड्रेस के नाम पर लूट की जा रही है।
इस लूट का शिकार हर व्यक्ति हो रहा है, इसके खिलाफ जनता को जाति धर्म, वर्ग से हटकर एकजुट होकर धरना चाहिए। इस मौके पर सपा के राष्ट्रीष्य प्रवक्ता प्रो. विजय राठी, जिलाध्यक्ष विपिन चौधरी, नगराध्यक्ष आदिल चौधरी, कोषाध्यक्ष निरंजन सिंह, योगेन्द्र सोल्दा, मृदुला यादव, दीपक सिरोही, एहतशाम इलाही, ओमप्रकाश, वसीम अंसारी, महराज महलका, इकराम सैफी, शाहिद पहलान, सरदार हरप्रीत आहूजा, नेहा गौड़, आस मोहम्मद आदि शामिल रहे।
एसडीएम से वार्ता हुई विफल
सरधना विधायक अतुल प्रधान द्वारा भामाशाह मैदान में शुरू किए गए बेमियादी धरने को लेकर प्रशासन में हड़कंप मचा है। गुरुवार की शाम एसडीएम सदर कमल किशोर धरनास्थल पर पहुंचे और अतुल प्रधान से वार्ता की। अतुल ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को दिया। ज्ञापन में प्राइवेट चिकित्सकों की फीस, आपरेशन और उपचार संबंधी फीस निर्धारित करने,
प्राइवेट अस्पतालों में हर कार्य के शुल्क न्यूनतम करके उसकी सूची बोर्ड पर डिस्पले करने और चिकित्सकों द्वारा सस्ती दवाइयां लिखने के आदेश देने की मांग की। इसके अलावा प्राइवेट स्कूल, कालेज, महाविद्यालयों व इंस्टीट्यूटों में शिक्षा देने के नाम पर हो रही लूट को बंद कराने की मांग की। शासन से फीस निधारित करने और सभी स्कूल कालेज, महाविद्यलय व इंस्टीट्यूट में सरकारी किताबों से पढ़ाने, ड्रेस कहीं से भी खरीदने का नियम बनाने की मांग की।
दशहरे बाद कलेक्ट्रेट कूच करेंगे अतुल
सरधना विधायक अतुल प्रधान ने महंगी शिक्षा व महंगा इलाज के विरोध में कई माह पूर्व ही दस अक्टूबर से कलेक्ट्रेट में बेमियादी धरने का ऐलान किया था। इस संबंध में उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन दिए थे। सीएमओ कार्यालय पर धरना प्रदर्शन भी किया था, लेकिन एक दिन पूर्व प्रशासन ने कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी।
अतुल प्रधान ने बताया कि उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि दशहरे के मौके पर कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्हें भामाशाह मैदान में धरना देने की इजाजत दी गई। उन्होंने कहा कि दशहरे बाद वह कलेक्ट्रेट में कूच करेंगे। वहीं बेमियादी धरना दिया जाएगा।
लोगों ने गुड़गुड़ाया हुक्का
भामाशाह मैदान में धरना देने आए लोगों के लिए हुक्के की भी व्यवस्था की गई। इसके लिए बकायदा एक हुक्का क्यिोस्क बनाया गया था। जहां एक बड़ा हुक्का उपलब्ध था। हुक्के की चिलम भरने की जिम्मेदारी एक समर्थक को दी गई। बड़ी संख्या में लोगों ने हुक्के को गुड़गुड़ाया। कुछ युवाओं ने भी हुक्का गुड़गुड़ाते हुए सेल्फी भी ली।
मेरठ बार एसोसिएशन समेत कई संगठनों ने दिया समर्थन
भामाशाह मैदान में सरधना विधायक अतुल प्रधान द्वारा शुरू किए गए धरने को विभिन्न संगठनों ने समर्थन दिया। अतुल प्रधान ने बताया कि मेरठ बारि एसोसिएशन, भारतीय किसान मजदूर संगठन आदि कई संगठनों ने उन्हें समर्थन दिया।
क्यूआरटी और भारी पुलिस बल ने धरनास्थल को घेरा
सपा विधायक अतुल प्रधान द्वारा आहूत धरने को लेकर सुबह से लेकर रात का प्रशासन अलर्ट रहा। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल भामाशाह मैदान में तैनात रहा। भामाशाह पार्क के सभी गेटों पर एक उपनिरीक्षक और दो-दो सिपाही तैनात रहे। जबकि जिन दो गेटों से धरने पर आने वालों की एंट्री या निकासी हो रही थी। उनपर एक एक उपनिरीक्षक व छह-छह सिपाही तैनात थे। मैदान में क्यूआरटी टीमें भी तैनात रहीं। वहां फायरब्रिगेड की गाड़ी टीम के साथ दिनभर और रातभर तैनात रही।
भोजन और ठहरने की व्यवस्था की
भामाशाह मैदान में गुरुवार को शुरू हुए सरधना विधायक के भामाशाह मैदान में धरना देने पहुंचे हजारों लोगों के भोजन, पानी, ठहरने की व्यवस्था की गई। धरनास्थल पर ही दोपहर और रात्रि भोजन तैयार करने में हलवाई जुटे रहे। धरनास्थल पर लगाए गए पंडाल में सैकड़ों लोगों के रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई।
बसों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से पहुंचे समर्थक
सरधना विधायक अतुल प्रधान के आह्वान पर हजारों लोग प्राइवेट बसों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अपने निजी कार व दुपहिया वाहनों में सवार होकर भामाशाह मैदान पहुंचे। जो भी बस या ट्रैक्टर-ट्रॉली वहां आई, उसमें सवार लोग नारेबाजी करते हुए पंडाल में पहुंचे।

