- महापौर ने जताई नाराजगी, मेडा अधिकारियों से मिलकर कमियां दूर कराने के लिए निर्देश
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने गुरुवार को नगर निगम के अधिकारियों को साथ लेकर मेरठ विकास प्राधिकरण द्वारा अनुरक्षित विभिन्न सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का औचक निरीक्षण किया। महापौर को कहीं एसटीपी बंद मिला तो कहीं क्षमता से कम कार्य पर करता हुआ पाया गया। पल्लवपुरम में एसटीपी के नौ मोटर में केवल एक मोटर चालू मिली। 2016 से डीजल के अभाव में इसका संचालन बंद पड़ा है। सीवर ट्रीटमेंट के लिए उपयोग होने वाला केमिकल भी प्लांट पर नहीं मिला। महापौर ने नाराजगी जताई और नगर निगम के महाप्रबंधक जल को मेडा के अधिकारियों से मिलकर कमियां दूर कराने के निर्देश दिए।
सर्वप्रथम लोहिया नगर स्थित 10 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया गया। उक्त प्लांट अपनी क्षमता के अनुरूप नही चलता मिला। वहां कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि उक्त प्लांट को मात्र दो एमएलडी सीवरेज ही प्राप्त हो रहा है। उक्त प्लांट में दो एयरेटर खराब पाए गए। उक्त एसटीपी के फिल्टर प्रैस में स्लज कम मात्रा में पाई गई। पल्लवपुरम फेज दो स्थित पांच एमएलडी एवं छह एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया गया। उक्त प्लांट बिजली न आने के कारण बंद मिला।
वहां कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि प्लांट में सीवर ट्रीटमेंट के लिए नौ मोटर स्थापित है, जिसमें से केवल एक चालू स्थिति में है। इस प्लांट के निर्बाधित संचालन के लिए एक जनरेटर उपलब्ध है, परन्तु वर्ष 2016 से डीजल के अभाव में बंद पड़ा है। सहायक अभियन्ता ने बताया कि सीवर ट्रीटमेंट के लिए उपयोग होने वाले केमिकल भी प्लांट पर उपलब्ध नहीं है। महापौर द्वारा पल्लवपुरम फेज-एक स्थित सात एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में फिल्टर प्रेस की स्लज कम मात्रा में पाई गई। सहायक अभियन्ता ने बताया गया कि उक्त प्लांट कार्यरत है परन्तु ट्रीटमेंट के उपरान्त पानी मानक के अनुरूप नहीं है। महापौर ने श्रद्धापुरी फेस एक स्थित छह एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया।
इस प्लांट में इनलेट व आउटलेट पाइप दोनों ही टूटे मिले। वहां कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि फिल्टर प्रैस दो माह से खराब है, जिस कारण पानी मानक के अनुरूप नहीं पाया गया। इस प्लांट की बिल्डिंग के नीचे तथा आसपास सीवर का पानी भरा मिला, जिससे किसी भी अप्रिय घटना घटने की आशंका है। महापौर ने उक्त अनियम्माताओं को लेकर रोष जताते हुए प्रभारी महाप्रबंधक (जल) ममता मालवीय को मेरठ विकास प्राधिकरण से सम्पर्क कर निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों का निराकरण करने को निर्देशित किया। निरीक्षण के दौरान सुशील कुमार, सहायक अभियन्ता (जल) एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।

