- मेडा और प्रशासन भी खंगाल रहा फाइल, रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की तैयारी
- कसीनो में खेलने आए 140 की अब तक हो चुकी पहचान, दबिश की तैयारी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: होटल हारमीन इन कसीनो कांड में अभियुक्त बनाए गए होटल मालिक नवीन अरोड़ा, चिराग तनेजा, अमित चांदना, राजीव, कपड़ा व्यापारी मोहित को अभी स्थायी राहत के लिए चार नवंबर तक इंतजार करना होगा। उन्हें अभी अंतरिम जमानत के भरोसे ही रहना होगा। सीनियर एडवोकेट अनिल बक्शी ने शुक्रवार को कसीनो कांड के अभियुक्तों की स्थायी जमानत के लिए आवेदन किया था।
दरअसल, अभियुक्तों का प्रयास है कि दीपावाली से पहले इस मामले में उन्हें स्थायी जमानत मिल जाए, लेकिन ऐसा हो नहीं सका। इस मामले की सुनवाई अब चार नवंबर को होगी। वहीं, दूसरी ओर इस मामले के अन्य वांछित अभियुक्तों की ओर से अभी तक कोर्ट में सरेंडर नहीं किया गया है।दरअसल, कुल 15 के खिलाफ मुकदमा लिखा गया था, जिनमें से नवीन आरोर समेत आठ को गिरफ्तार हवालात में डाल दिया था।
यह बात अलग है कि कोर्ट से उसी दिन अंतरिम जमानत दे दी। बताया गया है कि इस मामले के जो अन्य अभियुक्त बनाए गए हैं। उनकी ओर से जमानत के लिए तब तक अर्जी नहीं डाली जाएगी, जब तक कि जिन्हें गिरफ्तार किया गया था उन्हें स्थायी जमानत नहीं मिल जाती। वहीं, दूसरी ओर इस संबंध में सीनियर एडवोकेट अनिल बक्शी ने बताया कि उन्होंने एक बजे कोर्ट के सामने केस रखा, लेकिन नौचंदी थाने से जो रिपोर्ट आनी थी।
उसमें काफी देरी हो गयी जिसकी वजह से चार नवंबर की तरीख लगा दी गयी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह गिरफ्तारी पूरी तरह से गैरकानूनी है। सुप्रीम कोर्ट बार-बार कह रहा है कि जिस मामले में सात साल से कम की सजा हो, उसमें गिरफ्तारी नहीं की जाए। ऐसे कई मामलों में सुप्रीमकोर्ट कार्रवाई भी कर चुका है।
कई नए चेहरे चिन्हित
होटल हारमनी इन कसीनो कांड को लेकर पुलिस चेहरों की पहचान में जुटी है। अब तक करीब 140 चेहरे पहचान लिए गए हैं। सूत्रों ने यह भी जानकारी दी कि जितने चेहरे अब तक पहचाने गए हैं। उनमें से कई चेहरे मेरठ से बाहर के हैं। बताया जाता है कि एक लाख की एंट्री फीस देकर जो पहुंचे थे। उनमें बड़ी संख्या मेरठ से बाहर रहने वालों की थी। यह भी पता चला है कि होटल हारमनी इन पर छापे की सूचना मिलने पर जो सबसे पहले वहां से कूदकर भागे थे
उनमें वो लोग जो बाहर से आए थे और आॅनलाइन बुकिंग जिन्होंने की थी। एसपी सिटी ने बताया कि इन सभी को पूछताछ के लिए नोटिस भेज दिए गए हैं। हालांकि एसएसपी डा. विपिन ताडा ने बताया कि जो मुकदमे पहले दिन दर्ज किए गए थे। उसके बाद फिलहाल कोई नया मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। अभी मामले की जांच चल रही है। पुलिस ठोस कार्रवाई इस मामले में अमल में लाएगी।
खंगाली जा रही फाइलें
होटल हारमनी इन में अवैध रूप से कसीनो और डांस बार चलने वाले नवीन आरोरा पर एक ओर तो पुलिस का शिकंजा कसा हुआ है। वहीं, दूसरी ओर होटल में अवैध निर्माण व सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर नवीन आरोरा पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं। मेरठ विकास प्राधिकरण और तहसील के अधिकारी उसकी तह तक जाने का प्रयास कर रहे हैं। इससे संबंधित फाइलों को खंगाला जा रहा है। पुरानी फाइलों की धूल झाड़ी जा रही है। प्रशासन, तहसील और मेडा को लेकर जिस प्रकार की बातें सुनने में आ रही हैं उसके चलते माना जा रहा है कि आने वाले दिन मुश्किलों भरे हो सकते हैं।
सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर का पासवर्ड नहीं बता रहा नवीन अरोरा
गढ़ रोड स्थित होटल हारमनी इन कांड को अंजाम तक पहुंचने में लगी पुलिस का नवीन अरोरा सहयोग नहीं कर रहा है। होटल का पूरा कसीनो व बार बाला डांस कांड और उसका लुफ्त उठाने वाले सीसीटीवी में कैद हैं। पूरे मामले की तहत तक पहुंचने के लिए सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर की जांच जरूरी है, लेकिन पुलिस के लिए मुश्किल यह है कि डीवीआर तभी खुलेगी जब उसका पासवर्ड डाला जाएगा।
पासवर्ड मांगने के लिए कई बार उसको कॉल किया जा चुका है। पुलिस भी जा चुकी है, लेकिन आरोप है कि नवीन आरोरा ना तो आ रहा है और ना ही पासवर्ड दे रहा है। जिसकी वजह से आगे की जांच अटकी हुई है। वहीं, दूसरी ओर स्थायी जमानत के लिए अभी कसीनो कांड के अभियुक्तों के चार नवंबर तक इंतजार करना होगा।

