Tuesday, April 28, 2026
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कोलकाता की लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की सबसे ज्यादा मांग

  • चार करोड़ के पार होगा कारोबार, 10 साल में 50 से 500 रुपये तक पहुंचे मूर्तियों के दाम, दीपावली की तैयारियों का उल्लास

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: दीपावली पर्व में लक्ष्मी पूजन को लेकर शहर के बाजारों में श्रीलक्ष्मी मां और श्रीगणेश भगवान की मूर्तियां सजकर तैयार हो चुकी है। 50 सालों में पांच रुपये में मिलने वाली मूर्तियों के दाम 600 रुपये का आंकड़ा पार चुके हैं। अब गंगा मिट्टी से बनी सिंदूरी मूर्तियों के बजाय रंग-बिरंगी मूर्तियों की मांग ज्यादा है। लोग अभी से मूर्तियों की खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में मूर्तियां खरीदनें के लिए भीड़ उमड़नी शुरू हो चुकी है। पं. राहुल शर्मा का कहना है कि लोग हर साल दीपावली पूजन के लिए श्री गणेश व लक्ष्मी मां की मूर्ति खरीद कर लाते हैं। उनसे ही दीपावली का पूजन करते हैं।

थापर नगर में मूर्तियां बेचने वाली महिला सुनीता का कहना है कि कोलकाता की मिट्टी से बनीं प्रतिमाएं लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं। कोलकाता के मूर्तिकारों की मूर्तियां कुछ ऐसी हैं कि एक बार देखकर लगता है कि मानो वो बोल उठेंगी। इसके अलावा चुनार की बनी मूर्ति भी ग्राहकों को पसंद आ रही है। इसके साथ मेरठ के आसपास के क्षेत्र में भी लोग अपने घरों में मूर्तियां तैयार कर रहे है।

इस साल मूर्तियों की डिमांड भी बहुत ज्यादा है। सबसे ज्यादा लोग धनतेरस व छोटी दीपावली पर मूर्तियों को खरीदेंगे। वहीं, इस संबंध में पं. राहुल शर्मा का कहना है कि मां लक्ष्मी के साथ गणेशजी की पूजा जरूरी है। मां लक्ष्मी धन-संपदा की स्वामिनी हैं, वहीं श्रीगणेश बुद्धि-विवेक के। बिना बुद्धि-विवेक के धन-संपदा प्राप्त होना दुष्कर है। इसलिए लक्ष्मीजी के साथ गणेशजी की पूजा करनी चाहिए।

तीन माह पहले तैयारी शुरू हो जाती है मूर्तियां बनाने की

दीपावली के पर्व को देखते हुए तीन महीने पहले मूर्तियां बनाने की तैयारी शुरू हो जाती है। लोग अपने घरों व गोदामों में मूर्तियां बनाना शुरू कर देते हैं। इसके बाद उन्हें बाजारों में बेचा जाता है।

नवरात्रि के बाद मूर्तियों की बढ़ती है मांग

नवरात्री पूजन दुर्गा पूजा के बाद ही प्रतिमा मंगाने की तैयारी शुरू हो जाती है। धनतेरस के छह दिन पहले प्रतिमाएं शहर में पहुंच जाती हैं। इसके दाम बीस से दस हजार रुपये का तक है। सबसे अधिक बिक्री 100 से 500 रुपये वाली प्रतिमाओं की होती है। दीपावली पूजन में मां लक्ष्मी के श्री गणेश भगवान की पूजा की जाती है। इसलिए सबसे ज्यादा मूर्तियां श्री लक्ष्मी मां व गणेश भगवान की खरीदी जाती है।

सिंदूरी मूर्तियां बना रहीं महिलाएं

दीपावली के लिए तैयार की जाने वाली लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां शुद्ध गंगा की मिट्टी और सिंदूर से बनाई जा रही हैं। बताते हैं कि मेरठ में बनने वाली मूर्तियों की डिमांड वेस्ट यूपी के अलावा दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, बिहार के साथ ही नेपाल तक है। इन मूर्तियों की कीमत 10 रुपये से लेकर तीन हजार रुपये तक है।

इस बार होगा मूर्तियों का चार करोड़ का कारोबार

संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता का कहना है कि इस बार मूर्तियों का कारोबार चार करोड़ का आंकड़ा पार करेगा। मेरठ में छोटी बड़ी करीब छोटी बड़ी 60 हजार के करीब मूर्तियों की दुकानें सजाई जाएगी। पिछले साल भी मूर्तियों का कारोबार पौने चार करोड़ का हुआ था।

मूर्तियों के दाम

  • शंख वाली मूर्ति-60-110 रुपये प्रति पीस।
  • कोलकाता मूर्ति-55-5800 रुपये प्रति पीस।
  • दाईं तरफ सूंड़ वाली मूर्ति-110-500 रुपये प्रति पीस।
  • कमल आसन वाली 90-110 रुपये प्रति पीस।
  • बाईं तरफ सूंड़ वाली मूर्ति-120-600 रुपये प्रति पीस।
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