- सीकरी, ककरौली, तुलहेडी, खेड़ी फिरोजाबाद समेत दर्जनों स्थानों पर हंगामा
- आईडी चेक करने के नाम पर पुलिस मतदाताओं को मताधिकार से रोके जाने का आरोप
- पुलिस व मतदाताओं की झड़पें सोशल मीडिया पर हो रही हैं वायरल
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: मीरापुर विधानसभा में हो रहे उपचुनाव के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में वोटरों ने हंगामा किया है। वोटरों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन रालोद प्रत्याशी के एजेन्ट के रूप में कार्य कर रहा है। मुस्लिम व दलित बाहुल्य क्षेत्रों में पुलिस द्वारा मतदाताओं को आईडी चेक करने के नाम पर मताधिकार का प्रयोग करने से रोका जा रहा है। कुछ वोटर अपना पहचान पत्र और आधार कार्ड के साथ ही वोटर पर्ची लेकर एकजुट हुए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। इसको लेकर वोटरों की पुलिस के साथ झड़प हुई और लोगों ने पथराव कर दिया।
पुलिस कार्यवाही के दौरान मतदाताओं के साथ हो रही ज्यादती की कुछ युवकों ने वीडियो बनाई तो उनको भी जबरन कार में डालने का प्रयास किया, इसकी वीडियो समाजवादी पार्टी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पोस्ट करते हुए निर्वाचन आयोग को शिकायत भी की है। एसएसपी भी फोर्स के साथ गांव में पहुंचे। उन्होंने पुलिस कर्मियों द्वारा हुड़दंग करने वाले लोगों पर हल्का बल प्रयोग किये जाने की बात कहते हुए वोट डालने से रोकने के आरोपों को बेबुनियाद
बताया है।
सपा प्रत्याशी सुम्बुल राणा ने निर्वाचन आयोग से शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद निर्वाचन आयोग ने दिशा निर्देश दिये है कि पुलिस फोर्स केवल लॉ एण्ड ऑर्डर कायम करेगा, आईडी चेक करने का अधिकारी पीठासीन अधिकारी व उनकी टीम को है।
मीरापुर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के दौरान बुधवार को थानाक्षेत्र ककरौली के ग्राम ककरौली में झड़प की घटना सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में हलचल मची हुई है। सूचना मिली थी कि कुछ लोग हुड़दंग कर रहे थे, जिसके बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार दो पक्षों के बीच विवाद झड़प में बदल गया था। पुलिस ने स्थिति को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
इसके जवाब में, पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए हुड़दंगियों को वहां से हटा दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह भी गांव में पहुंचे। उन्होंने बताया कि मुजफ्फरनगर में मीरापुर उपचुनाव के दौरान यहां पर एक सूचना प्राप्त हुई थी कि थाना ककरौली में ग्राम ककरौली के पास कुछ लोगों ने हुड़दंग किया है। मौके पर तत्काल फोर्स पहुंच गई थी। वहा दो पक्षों के बीच में झड़प हुई थी। पुलिस द्वारा दोनों पक्षों को समझाकर हटाने का प्रयास किया गया, लेकिन उन लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया जिसके बाद पुलिस द्वारा वहां पर सूक्ष्म बल प्रयोग करके वहा से सबको हटा दिया गया। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है और मतदान निष्पक्ष और सुचारू तरीके से चल रहा है।
सपा के फेसबुक पेड पर वोटरों को बूथ पर जाने से रोकने की वीडियो हुई पोस्ट
समाजवादी पार्टी के फेसबुक पेज पर मीरापुर उपचुनाव के दौरान बूथ संख्या 118 की एक वीडियो भी पोस्ट की गई है। इसमें दावा किया गया है कि गांव में पहुंची पुलिस के द्वारा वोटरों को बूथों पर जाने से रोका जा रहा है। महिला वोटरों को भी लाठी बजाकर डराया गया है। इसमें समाजवादी पार्टी की ओर से निर्वाचन आयोग को शिकायत की गई है। इसके साथ ही दूसरी वीडियो भी समाजवादी पार्टी ने पोस्ट की है, जिसको मीरापुर की ही बताया जा रहा है। इसमें पुलिस की ज्यादती की वीडियो बना रहे युवकों को जबरन गाड़ी में डालने का प्रयास पुलिस कर्मियों के द्वारा किया जा रहा है।
एआईएमआईएम प्रत्याशी के पुत्र को हिरासत में लेने का वीडियो वायरल
एआईएमआईएम के प्रत्याशी अरशद राणा की भी एक वीडियो वायरल हो रही है, जो मीरापुर उप चुनाव के दौरान एक मुस्लिम बाहुल्य बूथ की ही बताई जा रही है। इसमें प्रत्याशी वहां पर तैनात एक पुलिस इंस्पेक्टर के साथ तीखी झड़प करते हुए नजर आ रहे हैं। इंस्पेक्टर भी उनको चेतावनी स्वरूप हड़का रहे हैं। इसी बीच दूसरा व्यक्ति उनको धकियाते हुए दूर करने का प्रयास कर रहा है। इसके अलावा अरशद राणा के पु़त्र को हिरासत में लेने का भी एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें अरशद राणा अपने पुत्र को बचाने का प्रयास कर रहे हैं, परन्तु पुलिसकर्मी उन्हें धकियाते हुए उनके पुत्र को गाड़ी में बैठा रहे हैं।
सपा प्रत्याशी ने की कार्रवाई की मांग
सपा प्रत्याशी सुम्बुल राणा ने मीरापुर विधानसभा सीट के रिटर्निंग ऑफीसर को पत्र लिखकर गांव किथौडा के बूथों पर धीमा मतदान कराये जाने के लिए पीठासीन अधिकारी को जिम्मेदार बताते हुए कार्यवाही की मांग की है। सपा प्रत्याशी ने आरोप लगाया कि सत्ता के इशारे पर अफसर वोटरों को मतदान नहीं करने देने के लिए डराने और धमकाने का काम कर रहे हैं। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में बूथों पर लाठीचार्ज करते हुए वोटरों को भगाया जा रहा है, पुलिस पर मुस्लिम वोटरों को वोट देने के अधिकार से वंचित करने का आरोप भी उनके द्वारा लगाया गया है।

