जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगरायुक्त के सुबह सात बजे महिला सफाई कर्मियों को ड्यूटी पर बुलाने के फरमान पर नगर निगम के सफाई कर्मी आंदोलित हो गए हैं। सोमवार को सफाई कर्मियों ने काम बंद कर निगम आॅफिस पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि महिला सफाई कर्मियों को सुबह सात बजे ड्यूटी पर नहीं बुलाया जा सकता।
सफाई कर्मियों ने इसका विरोध किया तथा 2215 अस्थाई सफाई कर्मियों को स्थाई करने की मांग भी की। वेतन भी समय से देने की मांग की। यह प्रदर्शन एक दिवसीय रहा। अपर नगरायुक्त ब्रजेश कुमार ने प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचकर ज्ञापन लिया, जिसके बाद ही प्रदर्शन खत्म किया। प्रदर्शनकारियों की अगुवाई सपा के पूर्व विधायक प्रभुदयाल वाल्मीकि कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि महिला सफाई कर्मियों की ड्यूटी सुबह सात बजे लगा दी है, जो नियम विरुद्ध है। सर्दी है,ऐसे में महिलाएं सुबह सातबजे ड्यूटी पर बुला ली गई, जो गलत है। इसका सफाई कर्मचारी विरोध करते हैं। इसके लिए सफाई कर्मियों ने आंदोलन करने की बात कही। यही नहीं, प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 2215 अस्थाई सफाई कर्मी है, जिनको स्थाई किया जाए।
समय से वेतन कर्मचारियों को नहीं मिलता है, जो समय से दिलाया जाए। ठेके पर सफाई का काम कर रहे कर्मचारियों का शोषण हो रहा है, यह भी कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान प्रदर्शन करने वालों में सागर सिलेलान, अनिल चावला, मोनू वैद, सोनू बैनिवाल, बेबी वाल्मीकि, नीरज गहरा, पवन राजोरिया, अर्जुन महरौल, सुरेश माधव परम, संदीप मेहरा, कुलदीप बैनिवाल, अमित, भारत मोदीनगर, सुरजीत महरौल आदि कर्मचारी रहे।

