नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। अमेरिका में स्थिर मुद्रास्फीति के आंकड़ों से मिले वैश्विक संकेतों और घरेलू स्तर पर खुदरा मुद्रास्फीति में गिरावट के चलते बुधवार को शेयर बाजारों में मजबूती देखी गई। जुलाई में खुदरा मुद्रास्फीति आठ साल के निचले स्तर 1.55% पर आने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 327.79 अंक की बढ़त के साथ 80,563.38 पर पहुंचा, जबकि एनएसई निफ्टी 112.15 अंक चढ़कर 24,599.55 के स्तर पर आ गया।
किसे होगा फायदा, किसे नुकसान?
सेंसेक्स की कंपनियों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टाटा मोटर्स, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, इटरनल और इंफोसिस के शेयरों में तेजी देखी गई। हालांकि, मारुति, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और बजाज फिनसर्व पिछड़ते नजर आए। एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 3,398.80 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
आठ साल के निचले स्तर पर खुदरा मुद्रास्फीति
इससे पहले मंगलवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, खुदरा मुद्रास्फीति जुलाई में घटकर 1.55 फीसदी के आठ साल के निचले स्तर पर आ गई। यह जनवरी 2019 के बाद पहली बार रिजर्व बैंक की उम्मीद के स्तर से नीचे है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में नरमी की वजह से खुदरा मुद्रास्फीति में गिरावट देखी गई है
इन बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार मंगलवार को काफी बढ़त के साथ बंद हुए थे। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.06 प्रतिशत बढ़कर 66.16 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

