जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: देशभर में आज बुधवार 27 अगस्त 2025 को गणेश चतुर्थी का पर्व हर्षोल्लास और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व ट्विटर) पर शुभकामनाएं देते हुए दोनों नेताओं ने भगवान गणेश से सभी के कल्याण और समृद्धि की कामना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताई मंगलकामना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार सुबह अपने संदेश में कहा,”आप सभी को गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं। भक्ति और आस्था से भरा यह पावन अवसर सभी के लिए मंगलमय हो। मैं भगवान गजानन से प्रार्थना करता हूं कि वे अपने सभी भक्तों को सुख, शांति और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें। गणपति बप्पा मोरया!”उनका यह संदेश देशवासियों के बीच व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने भी दी बधाई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस पर्व की शुभकामनाएं देते हुए लिखा, “देश-विदेश में रह रहे सभी भारतीयों को गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं! यह महापर्व बुद्धि और विवेक के देवता भगवान श्री गणेश के जन्मोत्सव के रूप में हर्षोल्लास से मनाया जाता है। विघ्नहर्ता से प्रार्थना करती हूं कि वे राष्ट्र निर्माण के मार्ग की सभी बाधाएं दूर करें और सभी देशवासी पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाकर सशक्त भारत के निर्माण में जुटे रहें।”
मुंबई में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
गणेश चतुर्थी के पर्व पर मुंबई स्थित प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। भक्तों ने पूजा-अर्चना कर गणपति बप्पा से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर शहर भर में पंडाल सजाए गए हैं और गणेश मूर्तियों की स्थापना के साथ ही धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए हैं। लोग भगवान गणेश की प्रतिमाएं घरों में भी स्थापित कर रहे हैं और उपवास व भजन-पूजन कर त्योहार की धूम मचा रहे हैं।
लालबागचा राजा का पहला दर्शन हुआ सार्वजनिक
मुंबई के सबसे प्रतिष्ठित गणेश पंडालों में से एक ‘लालबागचा राजा’ का पहला लुक रविवार को जारी किया गया। बेहतरीन कलात्मकता से बनी यह मूर्ति मुंबई की आस्था, सांस्कृतिक जीवंतता और लोक भावना का प्रतीक मानी जाती है।
लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल द्वारा आयोजित यह उत्सव 1934 से लगातार मनाया जा रहा है। मूर्ति की देखभाल कांबली परिवार बीते आठ दशकों से कर रहा है। हर साल लाखों श्रद्धालु इस मूर्ति के दर्शन के लिए घंटों लाइन में खड़े रहते हैं।
सरकार ने सार्वजनिक गणेशोत्सव को दिया राज्य उत्सव का दर्जा
गौरतलब है कि जुलाई में महाराष्ट्र सरकार ने सार्वजनिक गणेशोत्सव को “महाराष्ट्र राज्य उत्सव” घोषित किया था। सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने विधानसभा में यह घोषणा करते हुए कहा था कि सार्वजनिक गणेशोत्सव की परंपरा 1893 में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक द्वारा शुरू की गई थी, जिससे समाज को एकजुटता और राष्ट्रीय चेतना की दिशा मिली थी।
त्योहार में दिखी पर्यावरण के प्रति जागरूकता
इस वर्ष कई मंडलों और श्रद्धालुओं ने इको-फ्रेंडली गणेश मूर्तियों को प्राथमिकता दी है। मिट्टी से बनी मूर्तियां, प्राकृतिक रंगों का उपयोग और डिजिटल आरती जैसे उपायों के माध्यम से भक्त पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रहे हैं।
बता दें कि, गणेश चतुर्थी न केवल श्रद्धा और भक्ति का पर्व है, बल्कि यह सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण जागरूकता का भी संदेश देता है। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू की शुभकामनाओं के साथ देशभर में गणपति बप्पा का जयघोष गूंज रहा है – “गणपति बप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया!”

