जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कोलकाता स्थित भारतीय सेना के पूर्वी कमान मुख्यालय विजय दुर्ग (पूर्व में फोर्ट विलियम) में तीन दिवसीय संयुक्त कमांडर सम्मेलन (CCC) का उद्घाटन किया। इस सम्मेलन की थीम है “सुधारों का वर्ष – भविष्य के लिए परिवर्तन”, जो भारतीय सशस्त्र बलों की अभियानगत तैयारियों, रणनीतिक सुधारों और बदलाव की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है। यह 16वां संयुक्त कमांडर सम्मेलन है और इसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद की परिस्थितियों में बेहद अहम माना जा रहा है।
क्या है संयुक्त कमांडर सम्मेलन (CCC)?
संयुक्त कमांडर सम्मेलन, सशस्त्र बलों का सर्वोच्च विचार-मंथन मंच है। यह देश के शीर्ष नागरिक और सैन्य नेतृत्व को एक मंच पर लाकर रणनीतिक और वैचारिक संवाद की प्रक्रिया को मजबूत करता है।
पिछली CCC वर्ष 2023 में भोपाल में आयोजित हुई थी।
इस वर्ष CCC का आयोजन सुरक्षा नीति में हो रहे गहरे परिवर्तनों और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पृष्ठभूमि में हो रहा है।
प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
सम्मेलन के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा “यह केवल सैन्य संचालन का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की व्यापक रणनीति का मंच है। सुधार, परिवर्तन और भविष्य की तैयारी—यही हमारी दिशा होनी चाहिए।”उन्होंने कहा कि सेना को नई तकनीक, डोमेन एकीकरण, और साइबर व स्पेस सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से सशक्त होने की जरूरत है।
कौन-कौन हुआ शामिल?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल
प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (CDS) जनरल अनिल चौहान
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह
थल, वायु और नौसेना के शीर्ष कमांडर
सम्मेलन में विभिन्न रैंकों के सैन्य अधिकारियों के साथ संवादात्मक सत्र भी आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य है सेना की जमीनी चुनौतियों को समझना और उनके समाधान के लिए सुधारों पर मंथन करना।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ की छाया में रणनीतिक समीक्षा
इस CCC को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद की पहली उच्च स्तरीय बैठक माना जा रहा है। मई में हुए इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की थी।
ऐसे में CCC में बॉर्डर मैनेजमेंट, इंटेलिजेंस समन्वय, और तेज प्रतिक्रिया क्षमता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
बिहार दौरे में मखाना किसानों को तोहफा
कोलकाता में CCC के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री मोदी बिहार के पूर्णिया के लिए रवाना हो गए, जहां उन्होंने राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का उद्घाटन किया।
इसका उद्देश्य?
मखाना उत्पादन को बढ़ावा देना
नई तकनीकों का विकास
वैल्यू एडिशन और प्रोसेसिंग
निर्यात और ब्रांडिंग को सशक्त बनाना
यह प्रधानमंत्री का एक माह में दूसरा बिहार दौरा है।
सम्मेलन के प्रमुख फोकस क्षेत्र?
संयुक्त अभियानगत तैयारियां
अंतर-सेवा समन्वय और थियेटर कमांड
उभरते खतरे: साइबर, स्पेस और ड्रोन वॉरफेयर
आत्मनिर्भर भारत के तहत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण
अधिकारियों और जवानों की कल्याण योजनाएं

