जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: उत्तर भारत जा मौसम जल्द ही करवट बदलने जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों के के अनुमान के अनुसार, 5 अक्टूबर की सुबह से ही पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा। इसके चलते राजस्थान और सीमावर्ती पंजाब के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
कुछ स्थानों पर तेज बारिश और ओलावृष्टि भी दर्ज की जा सकती है। पश्चिमी हरियाणा के इलाकों में भी बारिश के आसार हैं। जानकारों के मुताबिक यह सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के मौसम को लगातार प्रभावित करेगा। यही नहीं दिनभर मैदानी इलाकों में बारिश का सिलसिला रुक-रुक कर जारी रह सकता है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में ताज़ा बर्फबारी के आसार हैं। मौसम विभाग का कहना है कि यह बदलाव 6 अक्टूबर से और ज्यादा व्यापक हो जाएगा। उस समय पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत हिमालयी राज्यों में मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू होगा।
विशेषज्ञों ने बताया कि इस दौरान न्यूनतम और अधिकतम तापमान में अचानक गिरावट दर्ज होगी, जिससे मौसम में ठंडक घुलने लगेगी। बारिश और ओलावृष्टि से जहां एक ओर आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है, वहीं किसानों के लिए यह बदलाव नुकसानदेह भी साबित हो सकता है। खड़ी फसलों पर तेज बारिश और ओले गिरने से हानि की आशंका जताई गई है।मौसम विभाग का अनुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ के गुजर जाने के बाद उत्तर भारत में गुलाबी ठंड का आग़ाज़ होगा और धीरे-धीरे शरद ऋतु का प्रवेश हो जाएगा।

