जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: दुबई के अल-मकतूम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आयोजित एयर शो के दौरान भारतीय वायुसेना के तेजस विमान को उड़ाते हुए विंग कमांडर नमन सियाल (37) का निधन हो गया। वह वर्तमान में कोयंबटूर में तैनात थे और एयर शो में भाग लेने के लिए विशेष रूप से दुबई गए थे। हादसा उस समय हुआ जब हवाई करतब के दौरान तेजस विमान अचानक संतुलन खो बैठा। बताया जा रहा है कि संतुलन बिगड़ने के बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा और विंग कमांडर सियाल समय रहते कॉकपिट से बाहर नहीं निकल सके।
हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। जांच टीम तकनीकी पहलुओं से लेकर फ्लाइट डेटा तक सभी बिंदुओं की विस्तृत पड़ताल करेगी। आधिकारिक रूप से सच्चाई जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी, लेकिन घटना के वायरल वीडियो के आधार पर विशेषज्ञों के बीच कई तरह की चर्चाएँ शुरू हो गई हैं। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि दुर्घटना निगेटिव जी-टर्न के दौरान संतुलन बिगड़ने के कारण हुई। निगेटिव जी-टर्न वह स्थिति होती है जब विमान अपनी सामान्य दिशा के विपरीत बल का अनुभव करता है यानी गुरुत्वाकर्षण की उलट दिशा में। यह प्रभाव तेज एरोबैटिक करतब के दौरान तब उत्पन्न होता है जब विमान बेहद तेज गति से नीचे की ओर गोता लगाता है।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां क्षेत्र की पंचायत सेराथाना, वार्ड नंबर सात में रहने वाले विंग कमांडर नमन सियाल के निधन की खबर से पूरा क्षेत्र शोक में डूबा हुआ है। दुबई एयर शो के दौरान हुए हादसे में नमन सियाल ने अपनी जान गंवाई, जिसके बाद उनके पैतृक गांव में मातम का माहौल है। बलिदानी विंग कमांडर के पिता सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य जगन्नाथ ने बताया कि नमन पिछले 16 वर्षों से भारतीय वायुसेना में अपनी सेवाएँ दे रहे थे। परिवार को हादसे की सूचना मिलते ही गहरा सदमा पहुँचा है। उन्होंने बताया कि दुबई में आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद नमन की पार्थिव देह सोमवार या मंगलवार तक भारत पहुंच सकती है। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ पैतृक गांव में किया जाएगा। विंग कमांडर नमन सियाल अपने पीछे 10 साल की एक बेटी और परिवार को छोड़ गए हैं।
सरकार ने दावों को झूठा और भ्रामक बताया
हादसे से पहले सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में तेजस में तेल रिसाव की बात कही गई थी। सरकार ने बृहस्पतिवार को ही इन दावों को झूठा और भ्रामक बताया। पत्र सूचना कार्यालय की तथ्य जांच इकाई ने बताया कि वीडियो में विमान से निकलता पदार्थ तेल नहीं सामान्य पानी है।
यह पानी विमान के पर्यावरण नियंत्रण प्रणाली और ऑनबोर्ड ऑक्सीजन जनरेटिंग सिस्टम से निकलता है। दुबई जैसे नम हालात में संचालित विमानों के लिए यह मानक प्रक्रिया है। पीआईबी ने कहा कि आधारहीन प्रचार के जरिए विमान की तकनीकी विश्वसनीयता और गुणवत्ता को बदनाम करने के लिए जानबूझकर झूठी दावेदारी की जा रही है।
पायलट की मौत पर राहुल ने जताया दुख
दुर्घटना पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मडिया पर लिखा कि तेजस क्रैश में बहादुर पायलट के निधन से बहुत दुख है, उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदना है। उनके साहस का सम्मान करते हुए देश उनके साथ खड़ा है।
साजिश की आशंका नहीं
सेंटर फॉर एयर पावर स्टडीज के डीजी एयर मार्शल अनिल चोपड़ा ने कहा कि फिलहाल यह कहना कठिन है कि यह कैसे हुआ। विमान के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर) से पता चलेगा कि कहीं कोई तकनीकी समस्या तो नहीं आई। वैसे एलसीए का रिकॉर्ड अच्छा है। मामले में किसी साजिश की संभावना पर उन्होंने कहा कि कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी में यह बात काफी करीबी से जांची जाएगी।
इसमें तकनीकी साजिश, किसी पुर्जे, सॉफ्टवेयर या ईंधन में सैबोटाज की संभावना भी करीबी से देखी जाएगी। यह पूछे जाने पर कि क्या किसी एयरक्राफ्ट को साइबर हमले से गिराया जाना संभव है, एयर मार्शल चोपड़ा ने कहा कि संभव तो आज के इलेक्ट्रॉनिक युग में कुछ भी है। हालांकि ऐसा लगता नहीं कि इसमें ऐसा हुआ होगा क्योंकि इसका सॉफ्टवेयर भी हमारा अपना है और चंद पलों पहले विमान शानदार ढंग से उड़ान भर रहा था। इंजन ही फेल हो जाए या थ्रस्ट लॉस हो जाए तो कहा नहीं जा सकता।

