जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: चीन के हांगकांग में रिहायशी इमारतों में लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया है। घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 44 हो गई है, जबकि करीब 300 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, आग बुधवार को दोपहर के समय लगी थी, जो कई घंटों की मशक्कत के बाद भी पूरी तरह बुझाई नहीं जा सकी है और इमारतों के कई हिस्सों में लपटें अभी भी धधक रही हैं।
हांगकांग के उपनगरीय इलाके ताई पो में ये घटना हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आग एक इमारत में लगी थी, लेकिन शाम तक वह सात इमारतों में फैल गई थी। हादसे के बाद 900 से अधिक लोगों को बचाकर सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया और बड़ी संख्या में लोगों को अस्थायी कैंपों में शिफ्ट किया गया है।
हांगकांग पुलिस ने इस मामले में एक निर्माण कंपनी के दो निदेशकों और एक सलाहकार को गिरफ्तार किया है। दरअसल जांच में कई फ्लैट की खिड़कियों पर बेहद ज्वलनशील पॉलीस्टाइरीन बोर्ड लगे मिले, जिनके चलते आग भड़की।
अग्निकांड की जांच के लिए हांगकांग प्रशासन ने एक विशेष जांच समिति गठित की है, जो आग के कारणों की गहराई से जांच करेगी। इमारतों के बाहरी हिस्सों में बांस के मचान लगे थे। तेजी से फैली आग ने इन मचान को अपनी चपेट में ले लिया, जिसने आग को और भयानक कर दिया।
अग्निशमन विभाग ने बताया कि 140 से अधिक फायर ट्रक, 60 से ज्यादा एंबुलेंस और सैंकड़ों अग्निशमन दल के कर्मचारी और पुलिसकर्मी मौके पर तैनात हैं और आग को बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। काफी हद तक आग पर नियंत्रण पा लिया गया है। हादसे में मरने वालों में एक अग्निशमन दल का जवान भी है।

