जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भगवत गुरुवार से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के दौरे पर जा सकते हैं। इस दौरान दोनों विनायक दामोदर सावरकर की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस महत्वपूर्ण दौरे को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है और कुछ क्षेत्रों में यातायात प्रतिबंध भी लगाए जा सकते हैं।
सरसंघचालक के रूप में भगवत का पहला दौरा
मोहन भगवत का यह सरसंघचालक के रूप में पहला दौरा होगा। करीब दो दशक पहले, भगवत द्वीप समूह का दौरा महासचिव के रूप में कर चुके हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का यह दूसरा दौरा होगा। उन्होंने जनवरी 2023 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 126वीं जयंती के अवसर पर द्वीप समूह का दौरा किया था। भगवत श्री विजयपुरम के डॉलीगंज में आरएसएस कार्यकर्ताओं से संक्षिप्त बातचीत भी कर सकते हैं।
सावरकर की प्रतिमा का अनावरण और कार्यक्रम
अधिकारी ने बताया कि 12 दिसंबर को सुबह लगभग 9:30 बजे दोनों दक्षिण अंडमान के बेओदनाबाद में सावरकर की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके बाद शाम को डॉ. बी. आर. अंबेडकर प्रौद्योगिकी संस्थान में सावरकर पर आधारित एक गीत का विमोचन भी किया जाएगा।
13 दिसंबर को भगवत श्री विजयपुरम स्थित ITF ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित कर सकते हैं। 14 दिसंबर को दोनों द्वीप समूह से रवाना होंगे। गृह मंत्री अमित शाह 12 दिसंबर की रात या अगली सुबह लौट सकते हैं।
सावरकर की कविता के 116वें वर्षगांठ पर आयोजन
यह आयोजन महाराष्ट्र स्थित एक व्यापारिक समूह द्वारा सावरकर की प्रतिष्ठित कविता ‘सागर प्राण तलमाला’ की 116वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। सावरकर ने यह कविता 1909 में लिखी थी। उन्हें अंग्रेजों द्वारा 1911 में पोर्ट ब्लेयर (अब श्री विजयपुरम) की सेलुलर जेल में कैद किया गया था।

