जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: डीजीसीए ने इंडिगो एयरलाइन के चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। ये अधिकारी फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे और उन पर सुरक्षा और परिचालन नियमों की अनदेखी का आरोप है। डीजीसीए ने उन्हें एयरलाइन की सुरक्षा और परिचालन अनुपालन के लिए जिम्मेदार माना।
DGCA ने निगरानी शुरू की
डीजीसीए ने गुरुवार से इंडिगो के मुख्यालय में निगरानी शुरू कर दी है। अब अधिकारी रोजाना एयरलाइन के फ्लाइट ऑपरेशन, रिफंड और अन्य प्रक्रियाओं की रिपोर्ट पेश करेंगे। यह कदम इंडिगो में पायलट और क्रू मेंबर की ड्यूटी से जुड़े नियमों के पालन में विफलता और इससे हुई फ्लाइट कैंसिलेशन की घटनाओं के बाद उठाया गया है। इन रद्द फ्लाइटों से यात्रियों को परेशानी हुई और टूरिज्म सेक्टर को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
इंडिगो CEO DGCA के सामने पेश होंगे
इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स शुक्रवार को डीजीसीए के सामने पेश होंगे। डीजीसीए ने इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय पैनल का गठन किया है, जिसमें संयुक्त महानिदेशक संजय ब्रह्मणे, उप महानिदेशक अमित गुप्ता, वरिष्ठ उड़ान संचालन निरीक्षक कपिल मंगलिक और लोकेश रामपाल शामिल हैं। यह पैनल एयरलाइन में परिचालन व्यवधानों के कारणों की पहचान करेगा।
डीजीसीए के दो अधिकारी, एक वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी और एक उप निदेशक को इंडिगो के कॉर्पोरेट कार्यालय में तैनात किया गया है ताकि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट रद्द होने पर धन वापसी, समय पर प्रदर्शन, यात्रियों को मुआवजा और सामान वापसी की निगरानी की जा सके।
हजारों फ्लाइट रद्द कर चुकी है इंडिगो
डीजीसीए के वरिष्ठ अधिकारी देश के 11 प्रमुख हवाई अड्डों पर इंडिगो के संचालन का निरीक्षण करेंगे। अधिकारी अपने दौरे के 24 घंटों के भीतर दिल्ली स्थित डीजीसीए के उड़ान सुरक्षा विभाग को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
इंडिगो पिछले सप्ताह से हजारों फ्लाइट रद्द कर चुकी है। फ्लाइट रद्द होने की संख्या 5 दिसंबर को चरम पर थी, उसके बाद इसमें कमी आई है। एयरलाइन ने मंगलवार को कहा कि उसका परिचालन अब स्थिर हो गया है और सामान्य स्तर पर लौट आया है।

