जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: नक्सलियों के मस्तिष्क और रणनीतिक नेता कहे जाने वाले गणपति को पुलिस ने आखिरकार नेपाल से गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी ने नक्सलियों को बड़ा झटका दिया है। पुलिस के अनुसार, गणपति नक्सलियों के पोलित ब्यूरो का सदस्य और 2004 से 2018 तक सेंट्रल कमेटी का सचिव रह चुका है।
गणपति की गिरफ्तारी से पहले, वह लगातार पुलिस की निगरानी में था। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई टीमों को लगाया और लगातार जांच की। गणपति का नाम पुलिस पर कई हमलों में सामने आया है, और अब उसकी गिरफ्तारी ने नक्सली संगठन को भारी नुकसान पहुँचाया है।
अधिक नक्सलियों के आत्मसमर्पण की संभावना
पुलिस का अनुमान है कि गणपति की गिरफ्तारी के बाद 15 और नक्सली आत्मसमर्पण कर सकते हैं। इनमें पूर्वी बस्तर डिवीजन कमेटी के डीवीसीएम स्तर के सदस्य भी शामिल हैं। ये नक्सली अपने साथ हथियार लेकर पुलिस के सामने आने की संभावना रखते हैं। पुलिस ने बताया कि अगले एक-दो दिन में इस आत्मसमर्पण को लेकर आधिकारिक जानकारी जारी की जाएगी।

