जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने निवेशकों की भावना पर असर डाला, जिससे गुरुवार को शुरुआती कारोबार में प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट आई। विशेषज्ञों का कहना है कि कमजोर वैश्विक बाजार रुझान और विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की लगातार निकासी ने भी बाजार दबाव बढ़ाया।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 992.53 अंक गिरकर 75,871.18 पर आ गया, जबकि निफ्टी 310.55 अंक की गिरावट के साथ 23,556.30 पर पहुंचा। वहीं, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 31 पैसे गिरकर 92.32 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स कंपनियों का प्रदर्शन
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से इटरनल, इंटरग्लोब एविएशन, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अदानी पोर्ट्स, टाइटन और आईसीआईसीआई बैंक सबसे अधिक पीछे रहे। इसके विपरीत, टेक महिंद्रा, एनटीपीसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर सकारात्मक रुझान में रहे।
एशियाई बाजार में गिरावट
एशियाई बाजार भी दबाव में रहे। टोक्यो का निक्केई 225 1.5% गिरकर 54,177.15 पर, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1% गिरकर 5,552.01 पर, हांगकांग का हैंग सेंग 1.2% गिरकर 25,577.71 पर और शंघाई कंपोजिट 0.5% गिरकर 4,110.20 पर बंद हुआ। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 1.6% गिरकर 8,601.70 पर रहा। अमेरिकी वायदा बाजार में भी 1% से अधिक गिरावट आई। डॉलर बढ़कर 159 येन हो गया, जबकि यूरो 1.1538 डॉलर पर आ गया।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार का कहना है कि बाहरी प्रतिकूल परिस्थितियों ने बाजार को दबाव में रखा है। युद्ध की अनिश्चितता और ब्रेंट क्रूड की कीमत का एक बार फिर 100 डॉलर के स्तर तक पहुंचना बाजार में कमजोरी बनाए रखेगा। उन्होंने यह भी कहा कि डीआईआई की लगातार खरीदारी एफआईआई की निरंतर बिकवाली के मुकाबले बाजार को पूरी तरह उबरने में मदद नहीं कर पा रही।
तेल की कीमतों में तेजी
पश्चिम एशिया में तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई। अमेरिकी मानक डब्ल्यूटीआई क्रूड भी करीब 95 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा। तेल की कीमतों में यह 9% से अधिक की तेजी तब आई जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान द्वारा व्यावसायिक जहाजों पर हमले के बाद आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी।
विनिमय आंकड़े
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 6,267.31 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 4,965.53 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

