जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: कान्हा की नगरी ब्रज में ईद के दिन बड़ी घटना घटी। मथुरा के थाना कोसीकलां के कोटवन चौकी क्षेत्र के नवीपुर में विख्यात गौ-सेवक चंद्रशेखर, जिन्हें ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से जाना जाता था, को गौ-तस्करों ने अपनी गाड़ी से कुचलकर मार डाला। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और तनाव की लहर दौड़ गई। इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने आगरा-दिल्ली हाईवे जाम कर दिया और पथराव शुरू कर दिया। पथराव में एसडीएम और पुलिस की गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं। स्थिति पर काबू पाने के लिए सेना की तुकड़ी को भी तैनात किया गया।
जानकारी के अनुसार, बाबा चंद्रशेखर को क्षेत्र में गौ-तस्करों की गतिविधियों की सूचना मिली थी। वे अपनी टीम के साथ तस्करों का पीछा कर रहे थे, तभी नवीपुर के पास तस्करों ने अपनी गाड़ी सीधे बाबा पर चढ़ा दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया है और बरसाना की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर सघन नाकाबंदी कर दी गई है, ताकि फरार आरोपियों को पकड़ा जा सके।
बाबा का पार्थिव शरीर उनके गांव अंजनोख स्थित गोशाला पहुंचा, जहां हजारों लोग और गौ-भक्त जमा हुए। ‘फरसा वाले’ बाबा अपनी निडरता और गौ-वंश की रक्षा के लिए पूरे ब्रज क्षेत्र में प्रसिद्ध थे। उनकी हत्या की खबर फैलते ही हिंदूवादी संगठनों और गौ-सेवकों में भारी आक्रोश फैल गया।
भीड़ बढ़ने के साथ ही आगरा-दिल्ली हाईवे पर पथराव और भगदड़ मची। फंसे वाहन चालकों में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर स्थिति को काबू में करने की कोशिश की। इस दौरान एसपी सिटी, एसपी ग्रामीण, एडीएम प्रशासन और अलीगढ़ से आई वीआईपी ड्यूटी में मौजूद थाना प्रभारी की गाड़ियों के शीशे और खिड़कियां भी टूट गईं।

