जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: नवरात्रि पर्व को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जनपद में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, जिलाधिकारी और सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय) के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। खासतौर पर व्रत-उपवास में उपयोग होने वाले कुट्टू के आटे, मखाना और चौलाई जैसे उत्पादों पर विभाग की पैनी नजर है।
नवरात्रि में बढ़ती मांग के बीच सख्ती
नवरात्रि के दौरान कुट्टू का आटा, मखाना और चौलाई की मांग में अचानक वृद्धि हो जाती है। इस मौके का फायदा उठाकर मिलावटी और घटिया गुणवत्ता के उत्पाद बाजार में उतारने की आशंका रहती है। इसी को देखते हुए सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय) के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमों ने जिलेभर में सघन चेकिंग अभियान चलाया।
देवबंद रोड और ननौता में कार्रवाई
देवबंद रोड और ननौता क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवनाथ सिंह ने सघन निरीक्षण किया। इस दौरान पवन सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह के प्रतिष्ठान से कुट्टू के आटे का नमूना लिया गया। अधिकारियों के अनुसार इस नमूने का उद्देश्य आटे की शुद्धता और ताजगी की जांच करना है, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
गंगोह और लखनौती रोड पर भी जांच
गंगोह क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा अधिकारी जगदंबा प्रसाद ने कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग स्थानों से नमूने लिए।
लखनौती रोड स्थित श्वेत गुप्ता (सरल कॉमर्स) के प्रतिष्ठान से कुट्टू के आटे का नमूना लिया गया, जबकि नवीन मंडी, ननौता रोड पर सुरेश कुमार पुत्र रामपाल के प्रतिष्ठान से भी कुट्टू के आटे का सैंपल संकलित किया गया।
जनता रोड पर मखाना की जांच
जनता रोड स्थित प्रमोद गोयल के प्रतिष्ठान पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुमन पाल ने निरीक्षण किया। यहां मखाना का नमूना लेकर प्रयोगशाला भेजा गया।
अधिकारियों के अनुसार मखाना की ऊंची कीमत के चलते इसमें मिलावट या रसायनों के इस्तेमाल की आशंका बनी रहती है, जिसे लेकर विभाग सतर्क है।
नागल बाजार में कुट्टू और चौलाई के नमूने
नागल के मुख्य बाजार में भी प्रवर्तन कार्रवाई की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी जवाहरलाल ने कुट्टू के आटे का नमूना लिया, जबकि महेश कुमार ने चौलाई का नमूना संकलित किया। अधिकारियों का कहना है कि व्रत में उपयोग होने के कारण इन उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कुट्टू के आटे में मिलावट और विषाक्तता का खतरा
खाद्य विभाग के अनुसार कुट्टू का आटा अत्यधिक संवेदनशील होता है। आर्द्र वातावरण में रखने पर इसमें फफूंद लगने की संभावना रहती है, जिससे विषाक्तता उत्पन्न हो सकती है।
फफूंदयुक्त कुट्टू के सेवन से चक्कर आना, उल्टी, दस्त और शरीर में कंपकंपी जैसे लक्षण हो सकते हैं। इसके अलावा पुराने स्टॉक को नए पैक में बेचने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं, जिसे गंभीर अपराध माना जाता है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे कार्रवाई
विभाग द्वारा लिए गए सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी नमूने में मिलावट या मानक के विपरीत सामग्री पाई जाती है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि त्योहारों के दौरान खाद्य सामग्री खरीदते समय गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें और किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।



