जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार को शुरू हो गई और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 2026-27 का बजट पेश किया। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि तीन इंजन वाली सरकार के साथ दिल्ली तेजी से प्रगति कर रही है।
रेवेन्यू और कैपिटल खर्च
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल बजट 1,03,700 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि रेवेन्यू खर्च के लिए 70.3% और कैपिटल खर्च के लिए 29.7% का प्रावधान रखा गया है। पिछले साल के मुकाबले कैपिटल खर्च में वृद्धि की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि साल 2025-26 के लिए टैक्स और GSDP अनुपात 4.95% था, जबकि 2026-27 में यह बढ़कर 5.09% रहने की उम्मीद है। साथ ही, इस साल दिल्ली का रेवेन्यू सरप्लस 9,092 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
हरित बजट: पर्यावरण पर विशेष ध्यान
सीएम रेखा गुप्ता ने बजट को ‘हरित बजट’ के रूप में पेश करते हुए कहा कि पूरे बजट का 21% हिस्सा पर्यावरण सुधार और ग्रीन पहल के लिए समर्पित किया गया है। उन्होंने बताया कि हर योजना और नीति का पर्यावरणीय प्रभाव देखा गया है। सीएम ने कहा, “यह बजट विकास और पृथ्वी संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करता है, जो आज की सबसे बड़ी जरूरत है।”
शहरी और ग्रामीण विकास पर निवेश
बजट में शहरी विकास विभाग के लिए 7,887 करोड़ रुपये और पीडब्ल्यूडी के लिए 5,921 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। दिल्ली ग्रामीण विकास बोर्ड को 787 करोड़ रुपये और विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के लिए 350 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
सड़क सुधार और बुनियादी ढांचे के लिए फंडिंग
दिल्ली में सड़क सुधार के लिए एमसीडी को 1,000 करोड़ रुपये, ‘धूल रहित सड़कों’ के लिए 1,352 करोड़ रुपये और नजफगढ़ नाले के किनारे सड़कों के लिए 454 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
बिजली, अग्निशमन और जल बोर्ड
विद्युत विभाग के लिए 3,942 करोड़ रुपये, अग्निशमन विभाग के लिए 674 करोड़ रुपये और दिल्ली जल बोर्ड के लिए 9,000 करोड़ रुपये बजट में रखे गए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मानसून के दौरान जलभराव को रोकने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। सिंचाई विभाग को 610 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा निवेश
दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुल 12,645 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, ताकि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।

