जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव वैश्विक और भारतीय बाजारों के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गया है। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 28 पैसे गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर 94.24 पर पहुँच गया।
शेयर बाजार की स्थिति
बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 926.92 अंक गिरकर 74,346.53 पर आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 280.95 अंक गिरकर 23,025.50 पर कारोबार कर रहा था।
सेंसेक्स कंपनियों का प्रदर्शन
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एटर्नल, इंटरग्लोब एविएशन और बजाज फिनसर्व प्रमुख रूप से पिछड़ने वाली कंपनियों में शामिल थीं। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और ट्रेंट लाभ कमाने वाली कंपनियों में रही।
एशियाई बाजारों का रुख
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखा गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई 225 नीचे कारोबार कर रहे थे, जबकि शंघाई का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक सकारात्मक दायरे में रहा। गुरुवार को अमेरिकी बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी।
विशेषज्ञों की राय
लिवेलॉन्ग वेल्थ के संस्थापक हरिप्रसाद ने कहा कि वैश्विक बाजार में जोखिम से बचने का माहौल साफ़ तौर पर दिखाई दे रहा है। अमेरिकी बाजारों में नैस्डैक कंपोजिट 2.4 प्रतिशत गिरकर करेक्शन ज़ोन में पहुंच गया, डाउ जोन्स 400 से अधिक अंक गिर गया और एसएंडपी 500 में 1.7 प्रतिशत की गिरावट आई। यह पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बाद एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट थी। हरिप्रसाद ने बताया कि इसका मुख्य कारण अमेरिका-ईरान संघर्ष को सुलझाने में प्रगति का अभाव और कच्चे तेल की कीमतों का $100 प्रति बैरल पार कर जाना है। भारत के लिए यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि देश कच्चे तेल के आयात पर अत्यधिक निर्भर है।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि अमेरिका-ईरान संघर्ष बाजारों के लिए प्रमुख चिंता का विषय बना हुआ है। हालांकि कुछ समय के लिए तनाव कम होने के संकेत मिल रहे हैं, फिर भी जोखिम बना हुआ है। उन्होंने बताया कि ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100-107 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में अस्थिर बनी हुई हैं, जिससे मुद्रास्फीति, इनपुट लागत और व्यापक मैक्रो दबावों की चिंताएं बढ़ रही हैं। पश्चिम एशिया में गहराते संघर्ष के कारण वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने का माहौल बन गया, जिससे अमेरिकी शेयर बाजार रात भर में काफी नीचे बंद हुए।
तेल और निवेशक गतिविधि
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.17 प्रतिशत गिरकर 106.8 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 1,805.37 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,429.78 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। राम नवमी के कारण गुरुवार को बाजार बंद रहा। बुधवार को सेंसेक्स 1,205 अंक या 1.63 प्रतिशत बढ़कर 75,273.45 पर और निफ्टी 394.05 अंक या 1.72 प्रतिशत बढ़कर 23,306.45 पर बंद हुआ।

