जनवाणी ब्यूरोे |
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव वाले राज्यों को छोड़कर अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ आज शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करेंगे। यह बैठक खाड़ी क्षेत्र में हालिया संघर्ष के बाद पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ पहली मुलाकात होगी।
कैबिनेट सचिवालय की अलग बैठकें
चुनाव वाले राज्यों-तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्य सचिवों के साथ अलग-अलग बैठकें कैबिनेट सचिवालय करेगा।
‘टीम इंडिया’ की भावना से योजना समीक्षा
केंद्र सरकार के सूत्रों के अनुसार, इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में राज्यों की तैयारियों और संकट प्रबंधन योजनाओं की समीक्षा होगी। इसका उद्देश्य सरकार के प्रयासों में तालमेल और ‘टीम इंडिया’ की भावना बनाए रखना है।
पीएम मोदी की सक्रिय भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ईरान संघर्ष से उत्पन्न संकट पर लगातार सक्रिय हैं। सोमवार को उन्होंने लोकसभा में सांसदों को जानकारी दी, मंगलवार को राज्यसभा को संबोधित किया, और बुधवार को सर्वदलीय बैठक में वरिष्ठ मंत्रियों ने विपक्ष के सवालों का जवाब दिया। अब चूंकि तेल और गैस की आपूर्ति में राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए पीएम मुख्यमंत्रियों से चर्चा करेंगे।
संकट की गंभीरता और सतर्कता
पीएम मोदी ने लगातार कहा है कि ईरान संघर्ष से उत्पन्न संकट लंबा खिंच सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ तत्व इसका फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं और संकट प्रबंधन में राज्यों को सख्त कदम उठाने होंगे।
भारत के पास पर्याप्त ईंधन भंडार
सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि देश के पास 60 दिनों का ईंधन भंडार उपलब्ध है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, कच्चे तेल की आपूर्ति अगले लगभग दो महीने के लिए सुनिश्चित की गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने पहले से आयात की व्यवस्था कर ली है, जिससे आपूर्ति निरंतर बनी रहे।
विविध स्रोतों से आयात, आपूर्ति निर्बाध
होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के बावजूद भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे किसी एक मार्ग या क्षेत्र पर निर्भरता कम हो जाती है और ऊर्जा आपूर्ति स्थिर बनी रहती है।

