जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी चुनाव प्रचार के सिलसिले में असम पहुंचे, जहां उन्होंने कार्बी आंगलोंग में एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला।
“असम एक गुलदस्ता है”
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि असम विविधताओं से भरा एक सुंदर प्रदेश है। उन्होंने कहा, “असम फूलों का एक गुलदस्ता है, जहां अलग-अलग धर्म, जाति और विचारधाराओं के लोग मिलकर रहते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि उनकी पार्टी की सोच यह है कि देश की असली ताकत जनता के हाथ में हो और हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो।
विचारधाराओं की लड़ाई
राहुल गांधी ने कहा कि एक ओर कांग्रेस की सोच है कि फैसले स्थानीय स्तर पर हों, जबकि दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी की सोच है कि असम को दिल्ली से चलाया जाए। उन्होंने कहा, “यही असली लड़ाई है—जनता की भागीदारी बनाम केंद्रीकरण।”
अनुच्छेद 244ए का जिक्र
राहुल गांधी ने अनुच्छेद 244ए का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे इसलिए लागू किया गया था ताकि स्थानीय स्तर पर निर्णय लिए जा सकें। उन्होंने कहा कि फैसले गुवाहाटी या दिल्ली से नहीं, बल्कि स्थानीय नेताओं और परिषदों द्वारा किए जाने चाहिए।
जमीन और उद्योगों पर आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रदेश की जमीन बड़े उद्योगपतियों को दी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों और स्थानीय लोगों की जमीन छीनकर बड़े समूहों को सौंपी जा रही है, जिससे आम जनता को नुकसान हो रहा है।
अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर सवाल
उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हाल के अंतरराष्ट्रीय समझौतों से देश के किसानों और छोटे कारोबारियों को नुकसान हो रहा है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारत की नीतियों पर बाहरी दबाव बढ़ रहा है और इससे देश के आर्थिक हित प्रभावित हो रहे हैं।
तेल खरीद और विदेश नीति पर टिप्पणी
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि भारत की ऊर्जा नीतियों पर भी बाहरी प्रभाव बढ़ गया है। उन्होंने दावा किया कि अब तेल खरीद जैसे फैसलों में भी स्वतंत्रता कम हो गई है।
सरकार से सवाल
अपने संबोधन के अंत में राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि ऐसे समझौते क्यों किए जा रहे हैं, जिनसे देश के किसानों, छोटे व्यापारियों और आम जनता को नुकसान उठाना पड़े।

