जनवाणी संवाददाता |
धामपुर: विनियमित क्षेत्र में अवैध रूप से विकसित की जा रही है आधा दर्जन कालोनियों पर प्रशासन का चाबुक चल गया। पुलिस प्रशासन की टीम ने महाबली चलाकर आधा दर्जन कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया। पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई से कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया।
वही अवैध कॉलोनियों में प्लांट खरीदने वाले खरीदारों में भी बेचैनी बनी हुई है। प्रशासन ने हिदायत दी यदि कॉलोनी में अवैध निर्माण किया गया तो कड़ी कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। कॉलोनी ध्वस्तीकरण के दौरान प्रशासन की प्लाट खरीदने वालों से भी जमकर नोकझोंक।
कॉलोनाइजर खरीदारों को गुमराह कर प्लॉट बेचने का काम कर रहे थे। कॉलोनी ध्वस्तीकरण के बाद कॉलोनाइजरों की सारी पोल खुलकर सामने आ गई। कॉलोनाइजर कॉलोनी पास होने का हवाला देकर खरीदारों को मोटे दामों पर प्लाट बेचने का काम कर रहे थे।

डीएम के आदेश पर विनियमित क्षेत्र में विकसित आधा दर्जन अवैध कालोनियों पर प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया। शनिवार को प्रशासन ने प्रयास हॉस्पिटल के सामने विकसित कॉलोनी को पूरी तरह से बुलडोजर से जमींदोज कर दिया।
इसके बाद हनुमान नगर कुष्ठ आश्रम एवं पूर्व सांसद यशवंत सिंह के सामने विकसित चार कालोनियों को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से कालोनाइजरों में हड़कप मच गया। इस दौरान जिन कालोनियों में अवैध निर्माण से मकान बनाए गए हैं उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि नोटिस का जवाब ना मिलने पर खड़े मकानों पर भी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान पुलिस प्रशासन की प्लाट खरीदने वाले खरीदारों से भी नोकझोंक हो गई। खरीदारों का कहना है कि जब उन्हें प्लांट बेचे गए तब कॉलोनियों को पास बनाया गया था।
अधिकारियों ने जब उनसे संबंधित जमीन के कागजात मांगे तो वह एक दूसरे की बगले झांकने लगे। प्रशासन ने इन कालोनाइजरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। लेकिन इन्होंने सत्ता संरक्षण के चले जवाब देना गवारा नहीं समझा। विदित है कि इन कॉलोनियों पर सपा कार्यकाल में अवैध घोषित कर काम रुकवा दिया गया था।
लेकिन सत्ता पक्ष के संरक्षण के चलते अवैध कॉलोनियों को विकसित करने का काम फिर से जोर पकड़ता जा रहा था। नागरिकों की शिकायत पर डीएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम को अवैध कॉलोनी अधिकरण के निर्देश दिए थे।
उधर, एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि यदि विनियमित क्षेत्र में बिना पास किए कोई कॉलोनी विकसित की जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

