- कनोहर लाला कॉलेज में महिलाओं की सुरक्षा पर हुआ व्याख्यान
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कनोहर लाल गर्ल्स पीजी कॉलेज में शनिवार को कॉलेज प्राचार्या डॉ. किरण प्रदीप की अध्यक्षता में छात्र कल्याण परिषद की ओर से महिलाओं के अधिकार व अत्याचार और सुरक्षा विषय पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एडवोकेट हरिओम शर्मा, एडवोकेट किरण पाठक आदि अतिथि के रुप में मौजूद रहे।
हरिओम शर्मा का संबोधन महिलाओं के कानूनी अधिकारों पर केंद्रित रहा। जिसमें उन्होंने महिलाओं के संपत्ति संबंधित अधिकार, विवाह पूर्व एवं विवाह के बाद के कानूनी नियमों के साथ-साथ शाब्दिक, शारीरिक शोषण संबंधित महिला अधिकारों का वर्णन किया।

भारत में दहेज प्रथा एवं दहेज संबंधी कानूनों की जानकारी को छात्राओं की जानकारी के लिए आवश्यक बताया। घरेलू हिंसा की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि महिलाओं को पिटाई, अपमान और अनेकों अन्य हिंसाओं का सामना करना पड़ता हैं, जो कभी कभी उनकी हत्या तक में परिवर्तित हो जाता है।

किंतु फिर भी शोषित एवं प्रताड़ित महिलाएं इसके बारे में बात एवं चर्चा करने से घबराती हैं। जिसका मुख्य कारण उनका अपने अधिकारों से अनभिज्ञ है। उन्होंने कहा कि इसके लिए उनको स्वयं ही कदम उठाना होगा। इस अवसर पर छात्राओं एवं शिक्षिकाओं ने उपरोक्त विषयों पर अनेकों प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
किरण पाठक ने भारत में पीड़िताओं के कानूनी अधिकार पर चर्चा करते हुए बताया कि सम्मान के साथ जीने का अधिकार जीवन के अधिकारों में शामिल है। जिसे भारत का संविधान हर नागरिक के लिए सुनिश्चित करता है।
छेड़छाड महिलाओं के खिलाफ होने वाला सर्वाधिक हिंसक अपराध है, जो न केवल उनकी शारीरिक अखंडता को नष्ट करता है, बल्कि व्यक्तिगत व सामाजिक संबधोंं के उनके विकास की क्षमता को बाधित कर उनके जीवन व जीविका को प्रभावित करता है।
छेड़छाड की शिकार महिला को मानसिक तथा मनोवैज्ञानिक संत्रास से गुजरना पड़ता है,जिस पर कार्रवाई करने की गहरी आवश्यकता होती है, ताकि वह महिला एक गरिमा पूर्ण व सार्थक जीवन जी सके। धारणी शर्मा ने अपने व्याख्यान में नारीवाद आगे बढ़ने के प्रयास व रास्ते विषय पर बोलते हुए नारीवाद की संकल्पना, राजनीतिक, आर्थिक, व्यक्तिगत, सामाजिक और लैंगिक समानता को परिभाषित करते हुए महिलाओं के लिए पुरुषों के समान शैक्षिक, सामाजिक और पेशेवर अवसर स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के अंत में असिस्टेंट प्रो. फातिमा हसन ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

