जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों की बगावत के बाद पंजाब की सियासत गरमा गई है। इस पूरे घटनाक्रम पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखा तंज कसते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी।
सीएम मान ने पंजाबी में लिखते हुए कहा?
सीएम मान ने पंजाबी में लिखते हुए कहा कि अदरक, लहसुन, जीरा, मेथी पाउडर, लाल मिर्च, काली मिर्च और धनिया जैसे सात मसाले मिलकर सब्जी का स्वाद तो बढ़ा सकते हैं, लेकिन ये खुद “सब्जी” नहीं बन सकते। उनके इस बयान को बगावत करने वाले सांसदों पर सीधा कटाक्ष माना जा रहा है।
“जो गद्दार थे, वे खुद ही चले गए”
उन्होंने आगे कहा कि “जो गद्दार थे, वे खुद ही चले गए” और सत्ता साजिशों से नहीं बल्कि जनता के दिलों पर राज करके हासिल होती है। मान ने आरोप लगाया कि BJP लगातार उनकी सरकार को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, खासकर बेअदबी विरोधी कानून लागू होने के बाद से।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धोखा देने वाले सांसदों को पंजाब की जनता जवाब देगी और राज्य में भाजपा का कोई मजबूत जनाधार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा डराने, धमकाने, लालच देने और दल-बदल जैसी रणनीतियों के जरिए आप सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है।
मान ने यह भी कहा कि पंजाब में भाजपा का आधार बेहद सीमित है, इसलिए वह सियासी चालें चल रही है। उन्होंने दोहराया कि आम आदमी पार्टी की ताकत आम लोग हैं और पार्टी अपने सिद्धांतों पर आगे बढ़ती रहेगी।
भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए मान ने कहा?
भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए मान ने कहा कि उसका असली नाम “कड्डे-छड्डे पार्टी” होना चाहिए, क्योंकि वह अन्य दलों के नेताओं को तोड़ने का काम करती है। उन्होंने दावा किया कि देशभर में कई नेताओं और पार्टियों को इसी तरह निशाना बनाया गया है।
इस दौरान मान ने ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे, शरद पवार, नवीन पटनायक, दुष्यंत चौटाला और नीतीश कुमार जैसे नेताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा ने कई राज्यों में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की है।
सीएम मान ने अंत में कहा कि पंजाब जैसे लोकतांत्रिक राज्य में ऐसी सियासी रणनीतियां सफल नहीं होंगी और जनता ही अंतिम फैसला करेगी।

