जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और प्रधानमंत्री की ओर से देशवासियों से मितव्ययिता (सावधानीपूर्वक खर्च) की अपील के बीच घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। निवेशकों की कमजोर धारणा, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी पूंजी की लगातार निकासी ने बाजार को बड़ा झटका दिया।
BSE Sensex मंगलवार को 1,456.04 अंक गिरकर 74,559.24 पर बंद हुआ, जबकि NIFTY 50 436.30 अंक टूटकर 23,379.55 के स्तर पर आ गया। दोनों प्रमुख सूचकांक लगभग 2% तक गिरावट में रहे।
रुपये में ऐतिहासिक गिरावट
डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा भी दबाव में रही। मंगलवार को रुपया गिरकर 95.63 (अस्थायी) के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया, जिससे आयात लागत और महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
बाजार में भारी नुकसान
तेल की कीमतों में तेजी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण बाजार में व्यापक गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के चलते बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई, जो घटकर लगभग 457 लाख करोड़ रुपये रह गया।
इंडिया VIX में उछाल
बाजार की अस्थिरता को मापने वाला सूचकांक India VIX भी 4% बढ़कर 19.26 पर पहुंच गया, जो निवेशकों की बढ़ती चिंता को दर्शाता है।
गिरावट के प्रमुख कारण
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली
रुपये में ऐतिहासिक कमजोरी
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता
विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय तनाव और तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

