जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: देशभर में लगातार बढ़ती गर्मी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। शुक्रवार को कई हिस्सों में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया, जिससे हीट स्ट्रेस की स्थिति बढ़ गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में 28 मई तक हीटवेव और गंभीर हीटवेव बनी रह सकती है।
उत्तर और पश्चिम भारत में हालात गंभीर
पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में 22 से 28 मई तक गंभीर हीटवेव की संभावना है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अगले दिनों तक लू चलने की चेतावनी दी गई है। राजस्थान में भी पश्चिमी हिस्सों में 24 से 28 मई तक गंभीर हीटवेव का अनुमान है।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने ली करवट
IMD ने दिल्ली-एनसीआर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश की चेतावनी दी है। जानकारी के अनुसार 60-80 किमी/घंटा की तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है। लोगों को खुले में जाने, पेड़ों या कमजोर ढांचों के पास रहने से बचने और सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश की स्थिति गंभीर
उत्तर प्रदेश इस गर्मी से सबसे अधिक प्रभावित है। बांदा में तापमान 47.6 डिग्री दर्ज किया गया। प्रयागराज और वाराणसी में क्रमशः 46.6 और 45.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। राज्य के 10 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया। प्रशासन ने दोपहर में ट्रैफिक सिग्नल बंद करके लोगों को धूप में खड़े रहने से राहत देने का कदम उठाया।
मध्य और दक्षिण भारत भी प्रभावित
मध्य प्रदेश में लगातार गर्म रातों के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक ऐसी गर्मी में रहने से डिहाइड्रेशन और हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में उमस के साथ गर्मी बनी हुई है। दक्षिण भारत के तटीय हिस्सों और तेलंगाना में भी लू चलने की संभावना है।
पहाड़ी इलाकों में भी असामान्य गर्मी
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी असामान्य गर्मी दर्ज की गई है। IMD ने इन हिस्सों में भी हीटवेव की संभावना जताई है।
विशेषज्ञों की राय
जलवायु विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में हीटवेव की बढ़ती तीव्रता और अवधि के पीछे जलवायु परिवर्तन मुख्य कारण है। हर दशक में हीटवेव की अवधि लगभग 0.44 दिन बढ़ रही है। रात का बढ़ता तापमान और नमी भी हालात को खतरनाक बना रहे हैं। बुजुर्ग, बच्चे, बाहर काम करने वाले और बीमार लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। प्रशासन ने दोपहर में घर में रहने, पर्याप्त पानी पीने और स्वास्थ्य सलाहों का पालन करने की हिदायत दी है।

