जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: ओमान के रास अल हद्द के पास समुद्र में एक बड़ा हादसा उस समय टल गया जब 14 भारतीय नागरिकों को लेकर जा रही एक पारंपरिक नौका अचानक संकट में फंसकर डूबने लगी। समय रहते अमेरिकी नौसेना, भारतीय नौसेना और एक व्यापारी जहाज की त्वरित कार्रवाई से सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
बचाव अभियान कैसे शुरू हुआ?
सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 14 जून की सुबह अमेरिकी नौसेना को सूचना मिली कि भारतीय नागरिकों से भरी नौका संकट में है और उसके डूबने का खतरा है। इसके बाद अमेरिकी नौसेना ने तुरंत तटीय एजेंसियों और भारतीय नौसेना को अलर्ट किया।
अमेरिकी नौसेना के P-8 समुद्री निगरानी विमान ने मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर रखी और बचाव अभियान का समन्वय किया। बताया गया कि इसी दौरान सभी 14 लोगों को सुरक्षित रूप से एक जीवनरक्षक नौका (लाइफ राफ्ट) में पहुंचा दिया गया।
इसके बाद भारतीय नौसेना के जहाजों को भी सहायता के लिए घटनास्थल की ओर रवाना किया गया।
व्यापारी जहाज की भूमिका
इस बचाव अभियान में एमवी जबल अली-9 नामक व्यापारी जहाज ने भी अहम भूमिका निभाई। सेंट किट्स एंड नेविस के ध्वज वाला यह जहाज सोहार से मुंबई जा रहा था और घटनास्थल के करीब मौजूद था।
अमेरिकी P-8 विमान के अनुरोध पर इस जहाज ने तुरंत दिशा बदलकर राहत अभियान में हिस्सा लिया। बाद में इसी जहाज ने पुष्टि की कि सभी 14 भारतीय सुरक्षित जीवनरक्षक नौका में पहुंच चुके हैं, जिससे स्थिति का स्पष्ट आकलन संभव हो सका।
होर्मुज क्षेत्र क्यों है महत्वपूर्ण?
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब ओमान और होर्मुज जलडमरूमध्य का समुद्री क्षेत्र रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। हाल के महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते इस मार्ग पर समुद्री गतिविधियों और सुरक्षा पर खास नजर रखी जा रही है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से बड़े पैमाने पर वैश्विक ऊर्जा और माल ढुलाई होती है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी आपात स्थिति को गंभीरता से लिया जाता है।

