Friday, March 6, 2026
- Advertisement -

किसानों के स्वास्थ्य की जांच कर दी औषधि

जनवाणी संवाददाता |

बड़ौत: कृषि कानूनों के विरोध में बड़ौत में इस समय किसान राष्ट्रीय राजमार्ग 709बी पर पिछले 16 दिनों से डटा हुआ है। धरने पर रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर धरनारत किसानों के स्वास्थ्य की जांच करते हुए उन्हें आवश्यक सलाह-मशवरा दिया।

बड़ौत में राष्ट्रीय राजमार्ग 709बी पर किसानों का 16 वें दिन भी धरना जारी रहा। रविवार तड़के हुई बारिश के कारण धरने पर बैठे किसानों को कुछ  परेशानी का सामना करना पड़ा। लेकिन इसके बावजूद किसान धरने से नहीं उठे। बेहद सर्द रातों में एक अलाव के सहारे रात काट रहे किसानों का हौंसला देखते ही बनता है।

इस हाड कंपकंपा देने वाली सर्दी के बीच तहसीलदार प्रदीप कुमार के नेतृत्व के नेतृत्व में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ौत से स्वास्थ्य कर्मियों की एक टीम धरनास्थल पहुंची। टीम द्वारा धरने पर मौजूद किसानों के स्वास्थ्य की जांच करते हुए उन्हें आवश्यक सलाह-मशहरा दी।

साथ ही कुछ किसानों को सिर दर्द, बदन दर्द जैसी व्याधियां होने पर दवाईयां बांटी गई। चिकित्सकों ने किसानों को सर्दी से बचाव करने की सलाह दी, विशेषकर बुजुर्ग किसानों को। वहीं दूसरी ओर किसानों का कहना था कि चाहे सर्दी हो या फिर बर्फ ही क्यों ना पडनी लगे, उन्हें यहां से कोई नहीं डिगा पाएगा। जब तक किसानों की मांगें पूर्ण नहीं हो जाती, वे धरना जारी रखेंगे।

बारिश से धरना स्थल पर गर्म कपड़े वह अन्य सामग्री भीगी

शनिवार से शुरु हुई बूंदा-बांदी के बाद रात्रि में भी कई बार हल्की बारिश हुई। रविवार सुबह हल्की बारिश रही। धरना स्थल पर कम प्रबंध होने से वहां रखे गर्म कपड़े व अन्य सामान बारिश से भीग गया। लेकिन किसान किसी तरह से वहां डटे रहे। पूरे तंबू पर प्लास्टिक की पन्नी नहीं होने से किसानों ने किसी तरह से रात्रि में धरना दिया।

हालांकि सड़क का ढ़लान ऐसा है कि बारिश का सड़क से गुजरता हुआ पानी उनके नीचे से निकलता रहा। किसानों की दरी व गद्दे पानी से तर हो गए थे। इसके बावजूद किसानों का हौसला बराबर था। पूछने पर किसानों ने बताया कि उनका काम ही बारिश, सर्दी व गर्मी को झेलते हुए होता है। फिर बारिश व सर्दी से क्या डरना है। उनका आंदोलन जब तक चलेगा, तब उनका हौसला बरकरार रहेगा।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

बच्चों को भी देना चाहिए सम्मान

सिद्धार्थ ताबिश मेरा बड़ा बेटा इस बात को सुनकर बड़ा...

युद्ध का सीजन बारहों महीना

जो युद्ध के कारोबारी हैं, उनका सीजन बारहों महीना...

मध्य पूर्व के सतत झगड़े के वैश्विक निहितार्थ

मध्यपूर्व जिसे भारत के संदर्भ में पश्चिमी एशिया कहा...

नीतीश युग का अवसान

बिहार की राजनीति लंबे समय से व्यक्तित्व-केन्द्रित और गठबंधन-आधारित...
spot_imgspot_img