जनवाणी संवाददाता |
बागपत: बागपत में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के विवादित होर्डिंग रात के अंधेरे में लगा दिए। बड़े बड़े होर्डिंगों पर अखिलेश को लेकर अभद्रता की टिप्पणी के पोस्टर से सपा में हड़कंप मच और उनका गुस्सा फूट गया। सपा नेताओं ने बागपत के राष्ट्र वंदना चौक पर हंगामा किया और जाम लगाकर विरोध जताया। उसके बाद मार्च निकालते हुए एसपी कार्यालय पहुंचे और यहां भी हंगामा किया। एसपी को ज्ञापन देते हुए संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसपी ने दो दिन का समय सपा नेताओं को दिया। सपा जिला अध्यक्ष मनोज चौधरी और पूर्व जिला अध्यक्ष बिल्लू प्रधान ने बताया कि अगर दो दिन में होर्डिंग लगाने वाले पर कार्यवाही नहीं की जाती है तो सपा धरना देने को मजबूर होगी।
बिल्लू प्रधान ने उतारे होर्डिंग
सपा के पूर्व जिला अध्यक्ष बिल्लू प्रधान ने अपनी टीम के साथ मिलकर बड़े बड़े पोल पर लगाये गए बैनरों को उतारा है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आखिर किसने लगाये होर्डिंग
जिले में रात के अंधेरे में विवादित होर्डिंग लगाने का खेल खेला गया है। बकायदा बैनर प्रिंट भी कराए गए और उन्हें अच्छी तरह लगाया गया है। यह काम किसी अंट्रेंड का नहीं है। बल्कि होर्डिंग किस तरह से लगाए जाते है उसके ट्रेंड ने ही उन्हें लगाया गया है। खेतों में खड़े बड़े पोल पर चढ़कर होर्डिंग लगाना किसी आम व्यक्ति का काम नहीं है। खास बात यह है कि राष्ट्र वंदना चौक पर पुलिस की आंखों के सामने और तमाम कैमरों के होते हुए विशाल होर्डिंग लगा दिया। लेकिन किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
फिर गरमा गई राजनीति
पिछले कई दिनों से प्रदेश की सियासत गरमायी हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बयान चवन्नी से रुपया बनाने के देने के बाद से जुबानी जंग शुरू हो गई थी। अखिलेश के लगातार बयान के बाद दो दिन तक रालोद मुखिया चौधरी जयंत सिंह ने भी पलटवार करते हुए जवाब दिया था। उसके बाद अब अखिलेश के विवादित होर्डिंग लगाने के बाद फिर से राजनीति गरमा गई है। सवाल यह है कि आखिर किसके इशारे पर ये खेल खेला गया है और कौन इस खेल में शामिल रहा है।

